सोशल मीडिया जनसंचार का सबसे बड़ा साधन बन गया है। आज के समय में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बिना जिंदगी अधुरी है। हमें कुछ भी खरीदना, कोई सामान लाना हो तो हम फटाफट ऑनलाइल माध्यम ने मंगा लेते हैँ। आपने अकसर फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जैसे अनेक प्लेटफॉर्म पर स्क्रोल करते देखा होगा, कि कई लोग किसी न किसी प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करते हैं।

इतना ही नहीं इंस्टा पर तो स्टोरी सेक्शन में भी ऐड या स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट दिख जाते हैं। कई बार सोशल मीडिया यूजर्स इन ऐड को देख कर उस प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैँ। इन सभी से को लेकर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सोलिब्रिटी के लिए गाइडलाइंस जारी की है। अगर कोई मंत्रालय की इन गाइडलाइंस का उल्लघंन करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

मंत्रालय की गाइडलाइंस

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की आदेश के तहत अगर कोई इन्फ्लुएंसर किसी कंपनी के प्रोडक्ट्स का प्रोमोशन करता है। तो उसे बताना होगा कि उसके ऐड में किसी भी तरह की भ्रामक सूचना नहीं होनी चाहिए। मंत्रालय ने ये भी कहा है कि किसी भी उत्पाद को खरीदने के लिए इन्फ्लुएंसर लोगों पर दबाव नहीं बना सकते हैं।

गाइडलाइंस के मुताबिक हर फॉर्म और फॉर्मेट में गुमराह करने वाले ऐड बेन होंगे. इसके अलावा इंफ्लुएंसर्स और सेलेब्रिटीज़ उन्हीं प्रॉडक्ट्स को एंडोर्स करेंगे, जिनको वो खुद उपयोग करते हों। इंफ्लुएंसर्स प्रोडक्टिस का डिस्क्लेमर भी देना होगा। आपको बता दें कि मंत्रालय के अनुसार साल 2025 तक इन्फ्लुएंसर मार्केट 2800 करोड़ रुपये का हो सकता है।

लाखों का लगेगा जुर्माना

उभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार देश में इस समय 1 लाख से ज्यादा इन्फ्लुएंसर्स हैं जो ऐड का प्रोमोशन करते हैं। इसके अंदर Meta और Avatar भी शामिल हैं। अगर किसी इन्फ्लुएंसर ने मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस की अवमानना की तो उसे पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। बार-बार ऐसा करने पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। उस इन्फ्लुएंसर्स पर 6 साल तक किसी भी तरह के ऐड प्रोमोशन पर रोक लग सकती है।