भारतीय उद्योग संघ (CII) द्वारा आयोजित B20 इंडिया की बैठक में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि बड़ी कम्पनियों को एमएसएमई (MSME) को सहारा देने के लिए उसे सप्लाई चैन में ढ़ालने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी। पीयूष गोयल ने कहा कि सूक्षम, लघु और मध्यम उद्योग ज़्यादातर बड़ी इकाई के आस पास ही उभरते हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी कम्पनियों को उनसे सम्बंधित एमएसएमई को लेकर और संवेदनशील बनना चाहिए।

गोयल ने अपनी बैठक में एप्पल (Apple) कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत में एप्पल का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा तो सप्लाई चैन वाली कई एमएसएमइ (MSME) कम्पनियाँ उभरी। गोयल ने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह व्यापारिक केंद्र के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अगर वह सही कर रहा है तो यह पता लगाया जा सकता है कि MSME का समर्थन करने के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार करना चाहिए।

उन्होंने ये भी कहा की इसके लिए बुनियादी ढाँचे का विकास और लोजिस्टिक्स की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बैठक के दौरान गोयल ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र अमीरात के साथ हस्ताक्षरित मुख्य व्यापार के लिए बड़ी कम्पनियों के साथ बातचीत कर रहे है। इससे पहले पियूष गोयल ने व्यवसायों को एक स्थायी और हरित दृश्टिकोण अपनाने को कहा। उन्होंने B20 और G20 में शामिल कम्पनियों को इस मंच का उपयोग करने के लिए कहा कि हम समुचित रूप से एक स्थायी और न्यायसंगत भविष्य के एजेंडे की दिशा में कैसे काम कर सकते हैं।