Budget 2025 : किन धुरंधरों के दम पर बन रहा बजट? कौन-कौन हैं इस थिंक टैंक में शामिल?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. बजट के निर्माण में महीनों की तैयारी और कई विशेषज्ञों का योगदान होता है. इस साल बजट तैयार करने के लिए जिन प्रमुख अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की है, उनमें 5 अहम चेहरों का योगदान प्रमुख रूप से रहा है.
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1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. हालांकि यह बजट एक दिन में प्रस्तुत किया जाता है, इसके निर्माण में महीनों की तैयारी और कई विशेषज्ञों का योगदान होता है. इस साल बजट तैयार करने के लिए जिन प्रमुख अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की है, उनमें 5 अहम चेहरों का योगदान प्रमुख रूप से रहा है.
तुहिन कांत पांडेय - वित्त एवं राजस्व सचिव
वित्त मंत्री की टीम के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य तुहिन कांत पांडेय हैं, जो वित्त और राजस्व सचिव के रूप में बजट की तैयारी में अहम भूमिका निभा रहे हैं. ओडिशा कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी पांडेय राजस्व संग्रहण और कर रियायतों की जिम्मेदारी संभालते हैं. उन्हें आयकर कानून में संभावित बदलावों की देखरेख भी करनी है, जो आगामी बजट में शामिल हो सकते हैं. उनकी भूमिका इस बार बजट के लिए खासतौर से महत्वपूर्ण है.
अजय सेठ - आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव
अजय सेठ, जो कर्नाटक कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव हैं और बजट दस्तावेज तैयार करने के लिए जिम्मेदार हैं. सेठ को विकास और वित्तीय समेकन के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ता है, विशेष रूप से जब उपभोग प्रोत्साहन की मांग बढ़ रही हो. उनकी रणनीति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है.
वी अनंथा नागेश्वरन - मुख्य आर्थिक सलाहकार
आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र और यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स से डॉक्टरेट डिग्रीधारक, वी अनंथा नागेश्वरन को इस साल बजट में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. वे पहले प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रह चुके हैं. नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया आर्थिक सर्वेक्षण सुधारों और विनियमन में ढील देने के उपायों को प्रमुखता से उजागर करेगा. वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते वैश्वीकरण के संदर्भ में उनकी रणनीति को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएगा.
मनोज गोविल - व्यय विभाग सचिव
मनोज गोविल, जो मध्य प्रदेश कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, व्यय विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं. गोविल की जिम्मेदारी सरकारी खर्च की गुणवत्ता में सुधार करने और सब्सिडी तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं को तर्कसंगत बनाने की है. उनका काम बजट के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वे सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी खर्च का उपयोग प्रभावी तरीके से किया जाए.
एम नागराजू - वित्तीय सेवा विभाग सचिव
एम नागराजू, जो त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव हैं. उनकी प्रमुख जिम्मेदारी पर्याप्त क्रेडिट प्रवाह सुनिश्चित करने, जमा संग्रहण, फिनटेक विनियमन, बीमा कवरेज का विस्तार और डिजिटल इंटरफेस को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. वे बैंकिंग और पूंजी प्रवाह की निगरानी करते हैं, जो बजट के लिए अहम पहलू है.