'लेटेंट जांच पूरी होने तक...', सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया और आशीष चंचलानी के पासपोर्ट जारी करने से किया इनकार

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर तभी विचार किया जाएगा जब 'इंडियाज गॉट लैटेंट' के डिलीट हो चुके एपिसोड में की गई उनकी टिप्पणियों की जांच पूरी हो जाएगी. कोर्ट ने कहा कि इलाहाबादिया को जांच में शामिल होना पड़ सकता है. आपको बता दें कि रणवीर इलाहाबादिया ने इंडियाज गॉट लैटेंट में माता-पिता को लेकर विवादित मजाक किया था.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया और आशीष चंचलानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों इन्फ्लुएंसर के पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इंडियाज गॉट लैटेंट के विवादित एपिसोड की जांच होने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि रणवीर इलाहाबादिया और आशीष चंचलानी ने पासपोर्ट जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

विवादित मजाक में घिरे इलाहाबादिया और चंचलानी

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर तभी विचार किया जाएगा जब 'इंडियाज गॉट लैटेंट' के डिलीट हो चुके एपिसोड में की गई उनकी टिप्पणियों की जांच पूरी हो जाएगी. कोर्ट ने कहा कि इलाहाबादिया को जांच में शामिल होना पड़ सकता है. पिछले महीने इलाहाबादिया और चंचलानी दोनों ही एक बड़े विवाद में फंस गए थे, जब माता-पिता से जुड़ा उनका आपत्तिजनक मजाक वायरल हो गया था. इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना हुई और इलाहाबादिया, चंचलानी और कई अन्य लोगों के खिलाफ मुंबई और गुवाहाटी में मामले दर्ज किए गए.

पहले सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन शो में इस्तेमाल की गई भाषा के लिए उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि उनके दिमाग में कुछ बहुत गंदा है, जिसे उन्होंने कार्यक्रम में उगल दिया है. कोर्ट ने शुरू में उन्हें कोई भी शो प्रसारित करने से रोक दिया था, लेकिन बाद में यूट्यूबर पर लगाई गई पाबंदी हटा दी. कोर्ट ने कहा था कि रणवीर इलाहाबादिया नैतिकता और शालीनता के अधीन अपने शो चलाने के लिए स्वतंत्र हैं. अदालत ने इलाहाबादिया को बिना अनुमति के भारत छोड़ने पर रोक लगा दी थी.

एनसीडब्लू से क्या बोले इलाहाबादिया?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यह बताया गया है कि इलाहाबादिया को बुलाया गया था और वह एनसीडब्ल्यू के सामने पेश हुए, जहां उनका बयान दर्ज किया गया. वह गुवाहाटी पुलिस स्टेशन में जांच में भी शामिल हुए. याचिकाकर्ता ने यह भी आश्वासन दिया है कि उनके शो में शालीनता बनी रहेगी और कोई उल्लेख नहीं किया जाएगा.

हालांकि, अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी करने की उनकी याचिका पर जांच पूरी होने के बाद विचार किया जाएगा. महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि जांच दो सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल के लिए निर्धारित की है.

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01 April 2025, 04:15 PM IST

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