न्यूरॉन्स (मस्तिष्क की कोशिकाएं) जब क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो व्यक्ति में मानसिक समस्याएं जैसे- याददाश्त कमजोर होना, बातचीत करने में समस्या पैदा होना, मस्तिष्क का कार्य ना कर पाना आदि समस्या हो जाती है। आमतौर पर यह समस्या बूढ़ों में देखी जाती है।

अल्जाइमर गंभीर बीमारी -

अल्जाइमर एक गंभीर बीमारी है और इसमें मरीज को सही डाइट लेना काफी जरुरी होता है। ऐसा नहीं होने पर मुश्किल बढ़ सकती है।

सही डाइट से होता है बचाव -

वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि प्रॉपर डाइट ली जाए तो अल्जाइमर जैसी तकलीफ से भी काफी हद तक बचाव हो सकता है।

रोज खाएं हरी सब्जियां -

अल्जाइमर के रोगियों को अपनी डाइट में हरी और पत्तेदार सब्जियों के साथ मछली का सेवन जरूर करना चाहिए।

अखरोट है अच्छा विकल्प -

अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन ई भी पाया जाता है जो दिमाग की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और दिल के लिए भी अच्छा होता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन -

ध्यान दें कि व्यक्ति आमतौर पर जितना पानी पीता है यह रोग हो जाने पर व्यक्ति को उससे अधिक पानी पीने की आवश्यकता है। क्योंकि अल्जाइमर रोग होने पर व्यक्ति को ज्यादा प्यास लगती है। ऐसे में व्यक्ति को दिन में कम से कम 12 से 15 गिलास पानी पीना चाहिए।

हल्दी का सेवन -

हल्दी को एंटी ऑक्सीडेंट गुण के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है। ऐसे में इसका सेवन अल्जाइमर रोग को काफी कम कर सकता है। यह याददाश्त को बढ़ाने और सूजन को दूर करने में बेहद उपयोगी है। अगर आप अल्जाइमर से बचे रहना चाहते हैं या बीमार होने पर इस समस्या का इलाज करना चाहते हैं तो आप रात को सोने से पहले हल्दी के दूध का सेवन करें।

वसायुक्त भोजन न करें -

भोजन में ऑलिव ऑयल का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर होता है। साथ ही ध्यान रखें कि ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से बचना चाहिए।