महाराष्ट्र। बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को नागपुर पुलिस से मिली क्लीन चिट। पुलिस के अनुसार बागेश्वर धाम सरकार अंधविश्वास फैलाने के सबूत नहीं मिले। आपको बता दें कि अंधश्रध्दा निर्मुलन समित के संस्थापक श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसी के आधार पर जांच करने के बाद नागपुर पुलिस ने धीरेंद्र शास्त्री को क्लीन चिट दी है। 

जानिए पूरा मामला

मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में ग्राम गढ़ा में स्थित हैं। प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख और महाराजा हैं। पंडित कृष्ण शास्त्री बागेश्वर वाले महाराज के नाम से प्रसिद्ध हैं। यहां एक भव्य मंदिर हनुमान बालाजी महराज के दर्शन होते है। यहीं इसी मंदिर पर पुजारी एवं महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां लोगों की समस्याएं सुनते है और उनकी भगवान के सामने अर्जी लगायी जाती है। 

दरअसल महाराष्ट्र के नागपुर में श्री राम चरित्र- चर्चा का अयोजन हुआ था। अंधश्रध्दा उन्मूलन समित का दावा है कि यह कथा दो दिन पहले यानी 11 जनवरी को समाप्त हो गई जबकि इसकी अंतिम तिथि 13 जनवरी थी। आपको बता दें कि अंधश्रध्दा उन्मूलन समित ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जादू- टोने और अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जवाब 

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जवाब इसका पलटवार करते हुए कहा कहा था कि. ये सब धर्म विरोधी लोगों का कारनामा है। हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले छोटी मानसिकता वाले लोग है। उन्होंने कहा कि हम इस बात का दावा नहीं करते कि हम आपकी सारी परेसानियों मिटा देंगे और न ही हम भगवान हैं। हमें अपने ईष्ट पर भरोसा है। हम अंधविश्वास के पक्षधर नहीं है। हमारे ईष्ट लोगों की परेसानियों को दूर करते है। उन्होंने आगे कहा कि हम हनुमान जी की पूजा का प्रचार करते है क्या ये गलत है?

लगाए गए आरोप पर पलटवार किया। जहां एक तरफ संस्था द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर कोर्ट में जाने की चेतावनी दी है, वहीं पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनकी चुनौती को स्वीकार करते हुए अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा-‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’।