इन दिनों हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) में एक नया विवाद पैदा हो रहा है और इस बार यह विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग को लेकर है। शनिवार को नॉर्थ कैंपस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई थी। जिसके बाद स्क्रीनिंग पर आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि, "प्रशासन ने कैंपस सुरक्षा विभाग से इस मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है।"

इस मामले पर एक्शन लेते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने YouTube पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' के पहले एपिसोड को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं और ट्विटर से लिंक वाले ट्वीट्स को हटाने के लिए कहा है। इसको लेकर अब जमकर राजनीति हो रही है और विपक्षी पार्टी पीएम मोदी पर निशाना साध रही है।

इसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से कहा गया है कि, "इस डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था फिर भी नॉर्थ कैंपस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में इसको दिखाया गया है ABVP-HCU ने इस स्क्रीनिंग के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित किया है। इसके अलावा हमने अधिकारियों से इस घटना के बारे में पूछताछ करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की।"

बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री पर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है भारत से लेकर ब्रिटेन तक बीबीसी को डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अपनी इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर बीबीसी का कहना है कि, 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' वेबसीरीज गुजरात में 2002 में हुए दंगों के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करती है उस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे।"