Driving Licence: भारत में नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना एक आम बात है। लेकिन इसको लेकर अब सरकार सख्त हो गई है। दरअसल, अब कोई नाबालिग ड्राइविंग करते हुए पकड़ा जाता है तो न सिर्फ उसके पेरेंट्स को जुर्माना देना पड़ेगा बल्कि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी अपने नाबालिग (16-18 साल) बच्चे को वाहन चलाने के लिए देते है, तो यह आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।

अगर आपसे कोई नाबालिग बच्चा वाहन चलाने के लिए मांग रहा है तो उसे मना कर दीजिए। लाढ़ प्यार में पिघलने की जरूरत नहीं है क्योंकि ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। आपको बता दें कि मोटर वाहन संशोधित अधिनियम 2019 में काफी कड़े प्रावधान किए गए है। इसमें नाबालिग के गाड़ी चलाने को लेकर भी एक प्रावधान है। इसके तहत अगर कोई नाबालिग राइडर मिलता है तो गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है। इतना ही नहीं अभिभावक और गाड़ी मालिक दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

दरअसल, 16 से 18 साल के युवाओं के लिए विदआउट गेयर लाइसेंस जारी किया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे बिना गेयर वाली एक्टिवा और स्कूटी बच्चे चला सकते हैं।

इतने रुपये का लगेगा जुर्माना

अगर नाबालिग विद गेयर वाहन चलाते हुए पाया जाता है, जैसे- बाइक, कार आदि। तो ऐसे में ड्राइविंग कैटेगरी न मिलने को लेकर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

नाबालिगों को मिलेगी ये सजा

नाबालिग को वाहन चलाना काफी महंगा पड़ सकता है। अगर कोई भी नाबालिग दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसका लाइसेंस 25 साल की उम्र से पहले नहीं बगेगा। इसके अलावा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकता है। वहीं पांच हजार रुपये के जुर्माने का भुकतान करना पड़ेगा।