गोवा सरकार ने ऐलान किया है कि गोवा में पाँच और अयस्क खनन ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक अधिकारी के अनुसार सभी ब्लॉक उत्तरी गोवा जिले में स्थित हैं। गोवा के खान और भूविज्ञान निदेशालय (डीएमजी) ने पिछले महीने चार लौह अयस्क ब्लॉकों की ई - नीलामी की थी। इसका मकसद राज्य में फिर से लौह अयस्क खनन को फिर से शुरू करना है।

वह उद्योग जो राज्य में प्रमुख राजस्व अर्जन का स्त्रोत हुआ करता था। लेकिन वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 88 खनन ब्लॉकों को रद्द कर दिया गया था जिसके बाद ये ठप हो गए। एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि, "नीलामी की दूसरी अवस्था में अडवलपाले - तिविम मिनरल ब्लॉक, कुडनेम -कार्मोलेम मिनरल ब्लॉक, कुडेम मिनरल ब्लॉक, तिविम- पिरणा मिनरल ब्लॉक और सुरला सोषि मिनरल ब्लॉक शामिल है। बोली के लिए आख़री तारीख़ 27 मार्च, 2023 है, जिसके लिए 5 लाख रुपये 17 मार्च तक जमा करने होंगे। इन ब्लॉकों की नीलामी मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कारपोरेशन के ई-ऑक्शन के द्वारा की जाएगी। अधिकारी ने ये बताया कि पिछली ई-ऑक्शन में चारो ब्लॉक गोवा की खनन कम्पनियों द्वारा हासिल किया गए हैं और अब ये पाँच ब्लॉक भी गोवा की कम्पनियों द्वारा ही लिए जा सकते हैं। सबसे ऊँची बोली लगाने वाली कंपनी या एजेंसी को ब्लॉक दिया जायेगा।

पहले फेज में ब्लॉकों का आबंटन वेदांता, सालगोकर शिपिंग, बांदेकर ब्रदर्स और फ़ोमेंटो कंपनी को दिए गए थे। ब्लॉक 50 साल की लीज पर कम्पनियों को दिया जाएगा। अधिकारी ने ये भी कहा कि, "खनन ब्लॉकों के नीलामी हासिल करने के बाद कंपनी को पर्यावरण मंज़ूरी और गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से काम करने की सहमति लेनी होगी। इन दो परमिटों को लेने के बाद किसी भी समय अयस्क निकला जा सकता है। "