दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दोनों देशों के बीच डाक टिकटों के आदान-प्रदान के साक्षी बने। इस दौरान मिस्र के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी ने अहम बैठक की। 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस पर परेड में सिसी मुख्य अतिथि है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मिस्र विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से हैं। 

उन्होंने कहा कि 'हमारे बीच कई हज़ारों वर्षों का अनवरत नाता रहा है। चार हजार वर्षों से भी पहले, गुजरात के लोथल पोर्ट के माध्यम से मिस्र के साथ व्यापार होता था और विश्व में विभिन्न परिवर्तन के बावजूद हमारे संबंधों में स्थिरता रही है। मैं मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और उनके डेलिगेशन का भारत में स्वागत करता हूं। कल हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ये पूरे भारत के लिए सम्मान और हर्ष का विषय है।'

देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हमने आज अपने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और मज़बूत करने आतंकवाद विरोधी संबंधी सूचना एवं इंटेलिजेंस का आदान-प्रदान बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। इस वर्ष भारत ने जी 20 की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया है जो हमारी विशेष मित्रता को दर्शाता है। भारत और मिस्र आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पार आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और इसके लिए हम साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सचेत करने का प्रयास करते रहेंगे।'

उन्होंने आगे कहा कि "दोनों देशों के बीच सामरिक समन्वय पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि के क्षेत्र में मददगार होगा। इसलिए आज की बैठक में राष्ट्रपति सिसी और मैंने हमारी द्वीपक्षीय भागीदारी को सामरिक भागीदारी के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। हमने मिलकर तय किया कि अगले 5 वर्षों में अपने देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 12 बिलियन डॉलर तक ले जाएंगे।"

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने कहा कि "हम विभिन्न क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग को बढ़ावा देने और नए क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं। हम अपने क्षेत्रों, मुख्य रूप से निवेश, उच्च शिक्षा, रसायन, दवा उद्योग आदि में सहयोग को मजबूत कराने पर हम सहमत हुए हैं। मैं 2015 में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मोदी से मिला था और मुझे उन पर पूरा भरोसा था।"

मिस्र के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि "मुझे पता था कि वह अपने देश को आगे ले जाएगा। मैंने हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को काहिरा, मिस्र में आमंत्रित किया है। हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के बारे में बात की और COP 27 पर चर्चा की। हमने मिस्र और भारत के बीच सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा की। मैंने आगामी G20 शिखर सम्मेलन के लिए मिस्र को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित करने के लिए PM मोदी को धन्यवाद किया।"