नई दिल्ली: सीआरपीएफ,महानिदेशक,कुलदीप सिंह ने बुधवार को अहम प्रेस वार्ता की। सिंह ने अहम जानकारी देते हुए बताया की हम कह सकते हैं कि अब बिहार नक्सल मुक्त हो गया है। रंगदारी गिरोह के रूप में इनकी मौजूदगी हो सकती है, लेकिन बिहार में ऐसी कोई जगह नहीं है बची जहां नक्सलियों का दबदबा हो।

उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का जिक्र कर कहा कि अप्रैल 2022 से अब तक छत्तीसगढ़ में 7 नक्सली, झारखंड में 4 और मध्य प्रदेश में 3 नक्सली ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म के तहत मारे गए हैं... कुल 578 माओवादियों ने आत्मसमर्पण/गिरफ्तार किया है। वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की घटनाओं में 77 फीसदी की कमी आई है। 2009 में, यह 2258 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था, जो वर्तमान में घटकर 509 हो गया है। मृत्यु दर में 85% की कमी आई है।

सीआरपीएफ की सफल अभियान के बाद गृह मंत्री अमित शाह इसके लिए बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, देश की आंतरिक सुरक्षा में एक ऐतिहासिक पड़ाव पार हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई में सुरक्षाबलों ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। इसके लिए सीआरपीएफ, सुरक्षा एजेंसियों व राज्य पुलिसबलों को बधाई देता हूँ। पहली बार बूढा पहाड़, चक्रबंधा व भीमबांध के दुर्गम क्षेत्रों से माओवादियों को सफलतापूर्वक निकालकर सुरक्षाबलों के स्थायी कैंप स्थापित किये गए हैं।

आगे उन्होंने लिखा, आतंकवाद व LWE के विरुद्ध गृह मंत्रालय की जीरो टॉलेरेंस की नीति जारी रहेगी और ये लड़ाई आगे और तेज होगी।शीर्ष माओवादियों के गढ़ में महीनों तक चले इन अभियानों में सुरक्षा बलों को अप्रत्याशित सफलता प्राप्त हुई,जिसमें 14माओवादियों को मार गिराया गया व 590 से अधिक की गिरफ्तारी/आत्मसमर्पण हुआ। जिसमें लाखों-करोड़ों के ईनामी माओवादी जैसे मिथिलेश महतो जिसपर ₹1करोड़ का इनाम था पकड़े गए हैं।