पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का फैसला राज्यपाल द्वारा वापस लिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की। मुख्यमंत्री की, विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने की योजना थी। आप विधायकों की यह बैठक अभी जारी है। विधायक बैठक के लिए सुबह विधानसभा पहुंचे। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि विधायकों की बैठक के बाद पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक भी होनी है। उन्होंने कहा कि बाद में पार्टी विधायक एक रैली भी निकालेंगे। 

आप विधायक दिनेश चड्ढा ने बताया कि बैठक में पार्टी की रणनीति तय की जाएगी। आम आदमी पार्टी की एक अन्य विधायक एवं वरिष्ठ नेता बलजिंदर कौर ने विशेष सत्र बुलाने के अपने पूर्व के आदेश को वापस लेने के राज्यपाल के कदम को ‘‘लोकतंत्र का मखौल’’ करार दिया। गौरतलब है कि पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की योजना को बुधवार को विफल कर दिया। राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को विशेष सत्र आहूत करने के पिछले आदेश को वापस लेते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजभवन से संपर्क करने के बाद कानूनी राय मांगी गई और सदन के नियमों के अनुसार इसकी अनुमति नहीं है।

पंजाब के मुख्यमंत्री मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले की आलोचना की। ‘आप’ सरकार ने विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विशेष सत्र आहूत करने की मांग की थी। इससे कुछ दिन पहले ही ‘आप’ ने भाजपा पर उसकी सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। पार्टी ने हाल ही में दावा किया था कि भाजपा ने उसकी छह महीने पुरानी सरकार को गिराने के लिए अपने ‘‘ऑपरेशन लोटस’’ के तहत उसके कम से कम 10 विधायकों से संपर्क करके उन्हें 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश थी।

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