मुंबई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को शिव सेना सांसद संजय राउत को मनी लॉन्डरिंग केस में अगली सुनवाई 27 फरवरी तक टाल दी है। संजय राउत को न्यायाधीश आर एन रोकाडे के समक्ष पेश किया गया था। इस मामले में आरोप तय करने से पहले मामले को अगली सुनवाई तक सूचीबद्ध किया गया है। हालाँकि मामले की जांच कर रहे परिवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) द्वारा अन्य आरोपियों पर समन रिपोर्ट जमा न करने के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी और अगली सुनवाई को 27 फरवरी को तय की गई है।

परिवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने संजय राउत को 1 अगस्त, 2022 को उपनगरीय गोरेगांव में पात्रा चॉल के पुनर्निवास के सम्बन्ध में वित्तीय अनियमितताओं के लिए गिरफ्तार किया था। हालाँकि कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में उन्हें ज़मानत दे दी थी। गोरेगांव में पात्रा चॉल जो की सिद्धार्थ नगर के नाम से जाना जाता है 47 एकड़ में फैला है जिसमें लगभग 672 किरायेदार परिवार रहते हैं।

वर्ष 2008 में महाराष्ट्र हॉउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (Maharashtra Housing and Area Development Authority)की एक सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (Guru Ashish Construction Private Limited) को ठेका दिया गया था। ये कंपनी इस प्लान के अनुसार 672 फ़्लैट किरायेदारों को देने थे और कुछ फ्लैट MHADA को देने थे और बाकि भूमि निजी डेवलपर को देने के लिए स्वतंत्र था। लेकिन पिछले 14 साल में एक भी फ़्लैट नहीं मिला है और अन्य बिल्डरों को ज़मीन पार्सल और फ्लोर स्पेस इंडेक्स 1,034 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इस मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने अगली सुनवाई 27 फरवरी तक टाल दी है।