26 जनवरी के अवसर पर केंद्र सरकार ने हर साल की तरह इस बार भी देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान का ऐलान किया है। बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के पद्मपुरस्कारों की घोषणा की है। 109 लोगों में छह लोगों को देश के दूसरे बड़े सम्मान पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। इसमें राजनीति और सेवा के स्तर पर कार्य करने वाले समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी हैं।

मुलायम सिंह यादव को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। पिछले साल 10 अक्टूबर को मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया था। मुलायम सिंह को यह सम्मान उनके राजनितिक और सामाजिक संघर्षों को मोदी सरकार द्वारा दिया गया सम्मान माना जा रहा है। मुलायम सिंह यादव का नाम समाजवादी राजनीति और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए लड़ाई के लिए जाना जाता है। उनके सियासी दाव अक्सर अप्रत्याशित होते थे। इसके अलावा 1995 में कांशी राम के साथ मिलकर सरकार के गठन ने सबको चौंका दिया था। मुलायम सिंह यादव के अलावा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा, प्रसिद्ध वास्तुकार बीवी दोशी, तबला वादक ज़ाकिर हुसैन उन छह लोगों में शामिल थे जिन्हे देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

इसके अलावा प्रख्यात भारतीय-अमरीकी गणितज्ञ श्रीनिवास वर्धन और ओरल रिड्रेशन सलूशन के अग्रणी दिलीप महलानबीस पद्मविभूषण के अन्य विजेता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि, " उन लोगों को बधाई जिन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भारत राष्ट्र के लिए उनके समृद्ध और विविध योगदान और हमारे विकास पथ को बढ़ाने के उनके प्रयासों को संजोता है। " प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों - पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किए जाते हैं। कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामलों, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य आदि विभिन्न विषयों में दिए जाते हैं।