26 जनवरी को भारत का 74वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। भारत की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर पूरे उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा और साथ ही भारत की अखंडता और सैन्य ताक़त की झलक दिखाई देगी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी को निमंत्रण भेजा है। वह गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत आ रहे हैं। राष्ट्रपति अब्देल मुख्य अतिथि बनने वाले पश्चिमी एशिया और अरब के पांचवे नेता हैं। सूत्रों के मुताबिक मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल 24 जनवरी को भारत आ रहे हैं। भारत के विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह उनका स्वागत करेंगे। अगले दिन वह प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है की राष्ट्रपति अब्देल भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मिलेंगे। भारत की राष्ट्रपति की और से आयोजित भोज में वह राष्ट्रपति अब्देल से मुलाकात करेंगी और 26 जनवरी को वह गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

समय के साथ-साथ मिस्र भारत का मज़बूत साझेदार बन रहा है और मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित कर रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति के भारत दौरे से दोनों देशों में आर्थिक बदलाव हो सकता है। बीते साल भारत ने मिस्र को तीन किश्तों में 61,000 टन गेंहू के निर्यात की अनुमति दी थी। इस बार भी गेंहू के निर्यात को लेकर दोनों देशों में अहम बातचीत हो सकती है। ग़ैरतलब है की मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल के साथ और भी 180 डेलीगेट शामिल होंगे। इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अलावा भारत और मिस्र के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों पर एक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। भारत और मिस्र के बीच रक्षा संबंधों पर भी चर्चा होगी। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अधिकारी भी मिस्र से इस बारे में बात कर रहे हैं। ये दौरा दोनों देशों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।