इस साल भारत अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर इस बार 901 पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक (पीएमजी) द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसमें से 140 पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक (पीएमजी), 93 पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक (पीपीएम) और मेधावी के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीँ विशिष्ट सेवा (पीएम) 668 पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा जो 140 वीरता पुरस्कार दिए जाएंगे उसमें अधिकतम पुरस्कार आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों से 80 पुलिसकर्मियों और 45 जम्मू कश्मीर क्षेत्र में उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया जाएगा।वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मियों में 40 जवान सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के हैं। वहीँ 31 महाराष्ट्र से, 25 जम्मू कश्मीर से, 9 झारखण्ड पुलिस, 7 दिल्ली पुलिस से हैं, बाकि अन्य छत्तीसगढ़ और बी एस एफ के हैं। वीरता के लिए पुलिस पदक जीवन और सम्पति को बचाने, अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने में विशिष्ट वीरता के आधार पर दिया जाता है।

26 जनवरी 1950 को, भारत सरकार ने पहले तीन वीरता पुरस्कारों - परम वीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र की स्थापना की थी। हालाँकि 1967 में इन् सम्मानों को नए शीर्षक दिए गए - अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र। इन सम्मानों के प्राप्तकर्ताओं की घोषणा साल में दो बार की जाती है - पहगणतंत्र दिवस पर और दूसरी स्वतंत्रा दिवस पर। महत्त्व के अनुसार वीरता पुरस्कार, परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी प्रदान करते हैं। जिसमें 18 साल से कम उम्र के युवाओं को उनकी बहादुरी, असाधारण रचनात्मकता, सामज सेवा और शैक्षिक या खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।