नई दिल्ली: भारतीय रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। गुरूवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 51 पैसे टूटकर अबतक के अपने निचले स्तर 80.47 पर पहुंची चुकी है। बीते बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू 80 के स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर को बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। जिसका असर अलग-अलग एशियाई देशों में देखने को मिल रहा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों में 0.75% की बढ़ोतरी की। ब्याज दरें बढ़ाकर 3-3.25% की गई हैं। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार तीसरी बार ब्याज दरें बढ़ी हैं। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ जाने से वहां की मुद्रा यानी डॉलर की कीमत बढ़ जाती है। डॉलर मजबूत होने लगता है। इससे डॉलर की तुलना में रुपया जैसी दूसरी करेंसीज की वैल्यू घट जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की वैल्यू में अभी और गिरावट आ सकती है। उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार की ओर से मौजूदा समय में अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह देश की आर्थिक रुप से बड़ी छति पहुंचा सकता है।