बीबीसी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन के प्रसारण को लेकर अब देश के कई हिस्सों में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। हैदराबाद और जेएमयू के बाद ये मामला अब जामिया में आ पहुंचा है। बता दें, जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र बीबीसी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन का प्रसारण यूनिवर्सिटी में कराना चाहते थे लेकिन जामिया प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी। जिसके बाद जामिया यूनिवर्सिटी के गेट पर छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में भी लिया। मामले को बढ़ता देख जामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "हम कैंपस में कोई गड़बड़ी नहीं चाहते हैं, हम विश्वविद्यालय में शांति और सद्भाव बनाए रखना चाहते हैं जहां छात्र पढ़ रहे हैं और परीक्षा दे रहे हैं।" बता दें, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग का विवाद अब दिल्ली से पंजाब तक पहुंच गया है।

 

पंजाब यूनिवर्सिटी में NSUI ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की लेकिन हाफ टाइम के बाद यूनिवर्सिटी प्रसाशन ने इस पर रोक लगवाई। NSUI की तरफ से इसका वीडियो भी ट्विटर पर शेयर किया गया है। वहीं इससे पहले जेएनयू में छात्रों का एक संगठन इसकी स्क्रीनिंग को लेकर बवाल कर रहा है। बता दे, भारत सरकार द्वारा बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को बैन किया गया है लेकिन बावजूद पहले हैदराबाद और अब जेएनयू के कुछ छात्र संगठन यूनिवर्सिटी में इसकी स्क्रीनिंग करना चाहते है। इसी को लेकर जेएनयू में छात्र संगठनों के बीच जमकर बवाल हुआ।

जानकारी के अनुसार छात्रों द्वारा पथराव भी किया गया है। इस मामले पर एक्शन लेते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने YouTube पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' के पहले एपिसोड को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं और ट्विटर से लिंक वाले ट्वीट्स को हटाने के लिए कहा है। इसको लेकर अब जमकर राजनीति हो रही है और विपक्षी पार्टी पीएम मोदी पर निशाना साध रही है।