केरल के एर्नाकुलम के 19 बच्चों के नोरोवायरस से संक्रमित होने के बाद अब केरल के कोच्ची के एक निजी स्कूल में दो बच्चे नोरोवायरस से संक्रमित पाए गए हैं। जबकि अन्य 15 में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। केरल राज्य के स्वस्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि इसके बारे में सख़्त कदम उठाए जा रहे हैं। संक्रमित बच्चे 5 से 10 साल की उम्र के हैं और उनके माता पिता में भी इसके लक्षण पाए गए हैं।

कई बच्चों को उलटी होने के बाद अलप्पुझा की एक लैब में इसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। स्थानीय लोगों को भी इसके बारे में जानकारी देकर एहतियात रखने को कहा है और एक दूसरे से दूरी बनाये रखने के लिए कहा गया है। स्वस्थ्य विभाग की एक मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि, " हमने इसके बारे में प्रसार शुरू कर दिया है। सभी जल निकायों की जाँच की जाएगी। संक्रमित लोगों को भी अलग कर दिया गया है और आइसोलेशन वार्ड भी बनाये गए हैं।

विशेषज्ञों ने बताया है कि नोरोवाइरस दूषित पानी, भोजन और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके मुख्य लक्षण दस्त, उल्टी और पेट दर्द हैं। इस बीमारी का इलाज संभव है लेकिन ये अत्यधिक संक्रमिक है। कोरोना की मार झेल रहे केरल में अब नोरोवायरस का केहर छाया हुआ है। राज्य में अब तक 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, तीन बच्चों का इलाज चल रहा है और कुल 63 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। पिछले साल, एक पुरुष होस्टल में कुछ लोग नोरोवायरस से संक्रमित पाए गए थे। स्वस्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, संक्रमण के खतरे को देखते हुए कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की क्लास ऑनलाइन कर दी गई है। संक्रमण और न फैले इसके लिए ये एहतियात बरती गई है।