'सभी सांसद उपस्थित हों', बीजेपी ने लोकसभा के सांसदों को जारी किया व्हिप, कल पेश होगा वक्फ संशोधन बिल
बीजेपी ने तीन लाइन के व्हिप में कहा कि लोकसभा के सभी बीजेपी सदस्यों को सूचित किया जाता है कि बुधवार 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण विधायी कार्य पारित किए जाएंगे. इसलिए, लोकसभा में भाजपा के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे बुधवार 2 अप्रैल 2025 को पूरे दिन सदन में उपस्थित रहें और सरकार के रुख का समर्थन करें.

वक्फ संशोधन विधेयक पर कल यानी 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश होगा. बिल पर 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. हालांकि, सदस्यों को बोलने तक समय बढ़ाया भी जा सकता है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा में अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. वक्फ बिल प्रश्नकाल के बाद पेश किया जाएगा.
इससे पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई और वक्फ विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है. हालांकि, विपक्ष ने 12 घंटे चर्चा कराने की मांग की. इस पर सरकार और विपक्ष के बीच बैठक में तीखी नोकझोंक हुई और विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
भाजपा ने सांसदों को व्हिप जारी किया
बीजेपी ने तीन लाइन के व्हिप में कहा कि लोकसभा के सभी बीजेपी सदस्यों को सूचित किया जाता है कि बुधवार 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण विधायी कार्य पारित किए जाएंगे. इसलिए, लोकसभा में भाजपा के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे बुधवार 2 अप्रैल 2025 को पूरे दिन सदन में उपस्थित रहें और सरकार के रुख का समर्थन करें.
प्रश्नकाल के बाद पेश होगा बिल
केंद्रीय गृह मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर चर्चा चाहती है, जिसे बुधवार को प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में पेश किया जाएगा. रिजिजू ने बताया कि लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में वक्फ बिल पर बहस के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया भी जा सकता है.
हम चर्चा चाहते हैं- रिरिजू
रिजिजू ने कहा कि लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में मैंने समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि कल 2 अप्रैल को हम वक्फ संशोधन विधेयक ला रहे हैं और इसके लिए हमें चर्चा के लिए समय आवंटित करना होगा. अंत में इस बात पर सहमति बनी कि वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए कुल आठ घंटे का समय आवंटित किया जाएगा जिसे सदन की राय जानने के बाद बढ़ाया जा सकता है."
रिजिजू ने कहा कि हम चर्चा चाहते हैं. हर राजनीतिक दल को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है और देश यह सुनना चाहता है कि संशोधन विधेयक पर किस राजनीतिक दल का क्या रुख है.