'फिर यहां बैठा रह सकता हूं क्या?' केंद्रीय नेताओं से तकरार पर CM योगी का दो टूक जवाब
योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय नेताओं से मतभेद की चर्चाओं पर करारा जवाब देते हुए कहा कि अगर वे केंद्रीय नेताओं से मतभेद रखते हैं, तो क्या वो मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं?. उन्होंने अफवाहों को सिरे से नकारते हुए पार्टी के आदेश का पालन करने की बात कही.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के केंद्रीय नेताओं से मतभेद को लेकर चल रही चर्चाओं पर दो टूक जवाब दिया है. उन्होंने सवाल किया कि अगर वे केंद्रीय नेताओं से मतभेद रखते हैं, तो क्या वो मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं? सीएम योगी का ये बयान उस समय आया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर बार-बार बयान दिए थे.
लोकसभा चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि पीएम नरेंद्र मोदी के 75 साल पूरे होने पर अमित शाह को प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा और कुछ महीनों बाद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा. इसके जवाब में योगी ने मीडिया से बातचीत के दौरान इन अफवाहों को सिरे से नकारा और अपनी स्थिति स्पष्ट की.
केंद्रीय नेताओं से मतभेद की बातें कहां से आई?- CM योगी
योगी आदित्यनाथ से जब सवाल किया गया कि क्या उनके और केंद्रीय नेताओं के बीच कोई मतभेद हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि मतभेद होने की बातें कहां से आ जाती हैं? मैं आखिर यहां पर पार्टी के कारण ही बैठा हूं. केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद करके क्या मैं यहां बैठा रह सकता हूं? उन्होंने ये भी कहा कि पार्टी के संसदीय बोर्ड में सभी मुद्दों पर चर्चा होती है और टिकट वितरण से लेकर पार्टी के अन्य फैसलों तक पर विचार किया जाता है.
'पार्टी के आदेश का पालन करते हैं'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी का मुंह आप थोड़े बंद कर सकते हैं. बोलने के लिए कोई कुछ भी बोल सकता है, लेकिन मैं तो एक योगी हूं, मेरा समीकरण किसी से खराब क्यों होगा. प्रधानमंत्री जी हमारे नेता हैं. हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश का पालन करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि अगर वे अफवाहों में पड़ने लगेंगे, तो कुछ नहीं कर पाएंगे और इसलिए वो इन निराधार अफवाहों की परवाह किए बिना अपनी राह पर चल रहे हैं.
योगी का तर्क – अफवाहों से कोई फर्क नहीं पड़ता
योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा था कि हम अफवाहों में पड़ेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे. अफवाहों की परवाह किए बगैर हम अपनी राह पर चल रहे हैं. इस बयान से योगी ने अपनी दृढ़ता और पार्टी की नीति के प्रति अपने समर्थन को जाहिर किया.
समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के आरोप
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लगातार ये आरोप लगाया था कि दिल्ली और लखनऊ के बीच कोई सामंजस्य नहीं है और दोनों के बीच टकराव हो रहा है. वहीं, अरविंद केजरीवाल ने तो ये तक कह दिया था कि बीजेपी के भीतर योगी आदित्यनाथ के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.