Amit Shah Resignation: संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने सियासी हंगामा खड़ा कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की मांग का तीखा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने से कांग्रेस की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा और उन्हें अगले 15 साल तक विपक्ष में ही रहना पड़ेगा.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमित शाह को बर्खास्त करने की अपील की थी. खरगे का कहना है कि अगर पीएम मोदी डॉ. अंबेडकर का सम्मान करते हैं, तो उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
अमित शाह ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर कहा, "खरगे जी इस्तीफा मांग रहे हैं. अगर इससे उन्हें खुशी मिलती है तो मैं इस्तीफा दे भी सकता हूं. लेकिन इससे उनका कोई फायदा नहीं होने वाला, क्योंकि अगले 15 साल तक उन्हें वहीं बैठे रहना है. मेरे इस्तीफे से उनकी समस्याएं खत्म नहीं होंगी."
राज्यसभा में बहस के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने डॉ. अंबेडकर का नाम बार-बार लेना "फैशन" बना लिया है. शाह ने कहा, "अगर कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर की जगह भगवान का नाम इतनी बार लिया होता, तो उन्हें सात जन्मों तक स्वर्ग मिलता." इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों में भारी विरोध शुरू हो गया.
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि अगर वह डॉ. अंबेडकर का सम्मान करते हैं, तो गृह मंत्री को आधी रात तक बर्खास्त कर देना चाहिए. खरगे ने कहा, "अमित शाह को कैबिनेट में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया तो लोग सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे. देश डॉ. अंबेडकर के लिए अपनी जान देने को तैयार है." First Updated : Wednesday, 18 December 2024