आसाराम बापू की जमानत पर उठे सवाल, पीड़िता के परिवार की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता!
आसाराम बापू को तीन महीने के लिए जमानत मिल गई है लेकिन पीड़िता के परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई है. उनका कहना है कि आसाराम अब इंदौर, उज्जैन और सूरत घूम रहा है और उनकी सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है. वहीं, उनके वकील का दावा है कि आसाराम की बीमारी के कारण जमानत दी गई है. पीड़िता के पिता ने जमानत की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया कि उनके वकील ने सही तरीके से काम नहीं किया. पुलिस ने परिवार की सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की है लेकिन क्या आसाराम का बाहर आना सही है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.

Asaram Bail Sparks: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक दुष्कर्म पीड़िता के परिवार में इन दिनों तनाव बढ़ गया है. आसाराम बापू, जो दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, को हाल ही में गुजरात हाई कोर्ट से तीन महीने की अंतरिम जमानत मिली है. इस जमानत के बाद, पीड़िता के पिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.
आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मामला 2013 में जोधपुर स्थित उसके आश्रम में दर्ज हुआ था. उस समय पीड़िता की उम्र 16 साल थी. अब जबकि आसाराम को जमानत मिल रही है, पीड़िता का परिवार महसूस कर रहा है कि उनके ऊपर खतरा बढ़ गया है, खासकर तब जब आसाराम की यात्रा की खबरें आ रही हैं.
आसाराम की बीमारी या जमानत का खेल?
आसाराम के वकील ने अदालत में यह तर्क रखा कि वह हृदय और गुर्दे की बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसलिए उन्हें इलाज के लिए जमानत दी जाए. अदालत ने इसे मंजूर करते हुए आसाराम को तीन महीने की जमानत दे दी है. आसाराम के वकील ने कहा कि उनका इलाज जोधपुर के आयुर्वेदिक अस्पताल में चल रहा है और इसमें तीन महीने का समय और लगेगा.
लेकिन पीड़िता के पिता का कहना है कि यह सब केवल एक तरीका है ताकि आसाराम को जेल से बाहर रखा जा सके. वह बताते हैं कि आसाराम अब इंदौर, उज्जैन और सूरत में घूमकर अपने अनुयायियों से मिल रहा है, जबकि वह दावा करता है कि उसे गंभीर बीमारी है. पीड़िता के पिता ने सवाल उठाया कि अगर उसे इतनी बीमारी है, तो वह कैसे देशभर में यात्रा कर रहा है?
पीड़िता के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनका वकील कोर्ट में सही तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज नहीं करवा पाया, जिससे जमानत मिल गई. उन्होंने यह भी कहा कि वकील ने उनका साथ नहीं दिया और अब वह और उनके परिवार को खतरे का सामना करना पड़ रहा है.
पुलिस ने परिवार की सुरक्षा की बढ़ाई जिम्मेदारी
इस बीच, पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़ी व्यवस्था की है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता के घर पर एक सुरक्षाकर्मी और दो बंदूकधारी तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. पुलिस ने स्थानीय कोतवाली पुलिस को रात में गश्त करने का निर्देश दिया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पीड़िता के परिवार को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे.
आखिरकार, क्या आसाराम की जमानत सही है?
यह सवाल अब भी उठता है कि क्या आसाराम की जमानत सही है या यह केवल एक चाल है ताकि वह अपने अनुयायियों से मिल सके और अपनी प्रभावी स्थिति को बनाए रख सके. पीड़िता का परिवार और उनके वकील इस पर लगातार आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं. पीड़िता के परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है, जहां एक ओर उन्हें आसाराम के प्रभाव से लड़ना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा की चिंता उनके लिए एक नया तनाव बनकर उभरी है.