CAA Notification: देश में 11 मार्च यानी सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इस अधिसूचना के साथ ही देश में CAA आज से लागू हो गया है. इससे भारत के तीन पड़ोसी मुल्कों के अल्पसंख्यकों को भारत आने पर नागरिकता देने का प्रावधान है. इसमें मुस्लिम शामिल नहीं हैं.
इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार की ओर से देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को लागू करने की पूरी तैयारी कर रही है. इस कानून के माध्यम से 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सकती है.
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मोदी सरकार ने आज नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 को अधिसूचित कर दिया. ये नियम अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को हमारे देश में नागरिकता प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे. इस अधिसूचना के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने एक और प्रतिबद्धता पूरी की है और उन देशों में रहने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों के लिए हमारे संविधान निर्माताओं के वादे को साकार किया है.
CAA पर ममता बनर्जी ने किया विरोध
केंद्र द्वारा आज CAA नियमों को अधिसूचित करने की संभावना पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा , "पहले मुझे नियमों को देखने दीजिए. अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई है. अगर लोगों को नियमों के तहत उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे." यह चुनाव के लिए बीजेपी का प्रचार है, यह और कुछ नहीं है.”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, "आपको छह महीने पहले नियमों को अधिसूचित करना चाहिए था. यदि कोई अच्छी चीजें हैं, तो हम हमेशा समर्थन और सराहना करते हैं, लेकिन अगर कुछ भी किया जाता है जो देश के लिए अच्छा नहीं है, तो टीएमसी हमेशा अपनी आवाज उठाएगी और इसका विरोध करेगी." .मुझे पता है कि रमज़ान से पहले आज की तारीख क्यों चुनी गई. मैं लोगों से शांत रहने और किसी भी अफवाह से बचने की अपील करता हूं.''
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा ''मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं. लंबे समय से हमारी मांग थी कि देश में सीएए लागू होना चाहिए और हमारे जो भाई आए हैं अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश से, जिन्हें उनके धर्म के कारण प्रताड़ित किया गया और उन्हें अपना धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने देश छोड़ दिया लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा, ऐसे लोगों को भारत की नागरिकता दी जानी चाहिए."
गृह मंत्रालय (एमएचए) आज नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019) के तहत नियमों को अधिसूचित करेगा. नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम सीएए-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे. आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है.
CAA लागू होने के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि जब देश के नागरिक रोज़ी-रोटी के लिए बाहर जाने पर मजबूर हैं तो दूसरों के लिए ‘नागरिकता क़ानून’ लाने से क्या होगा? जनता अब भटकावे की राजनीति का भाजपाई खेल समझ चुकी है. भाजपा सरकार ये बताए कि उनके 10 सालों के राज में लाखों नागरिक देश की नागरिकता छोड़ कर क्यों चले गये. चाहे कुछ हो जाए कल ‘इलेक्टोरल बांड’ का हिसाब तो देना ही पड़ेगा और फिर ‘केयर फ़ंड’ का भी.
CAA कानून को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में धरना और असम के गुवाहाटी में काफी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था. लेकिन कोरोना से संक्रमण को देखते हुए लोगों ने अपना धरना प्रदर्शन बंद कर दिया था, नागरिकता संशोदन कानून को संसद में पारित हुए चार साल से अधिक हो गए है लेकिन इसे लागू करने में इसलिए ज्यादा समय लगा क्योंकि इसमें नियमों और प्रकिया को अंतिम रुप दिया जाना था.
CAA अधिसूचना पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ( AIMPLB) के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि ''हमें पता चला है कि यह अधिसूचना जारी की गई है और सभी समुदाय के सदस्यों से मेरी अपील है कि हम सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए और अपनी कानूनी समिति पूरी अधिसूचना का अध्ययन करेगी और फिर कोई बयान दिया जा सकता है.''
शाहीन बाग में पुलिस का फ्लैग मार्च
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का बीते दिनों विरोध करने वालों पर भी गृह मंत्री अमित शाह ने निशाना बताने हुए कहा कि देश के हमारे मुस्लिम भाइयो को इस मसले पर भड़काया जा रहा है. इसके माध्यम से किसी की नागरिक्ता नहीं छिनी जाएगी. इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. इश कानून को उन लोगों के लिए बनायाा गया है जो पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीडन का शिकार हुए और उन्होंने भारत में आकर शरण ली. First Updated : Monday, 11 March 2024