भारतीय सेना को मिलने जा रही बड़ी ताकत! जल्द मिलेंगे हाई-टेक तोप और वाहन, 6900 करोड़ की बड़ी डील
रक्षा मंत्रालय ने ₹6,900 करोड़ की बड़ी डील पर साइन किए हैं जिससे सेना को नई आर्टिलरी गन और हाई मोबिलिटी व्हीकल मिलेंगे. खास बात ये है कि पहली बार निजी कंपनियों - टाटा और भारत फोर्ज को इतने बड़े स्तर पर रक्षा सौदा मिला है. इससे सेना की मारक क्षमता तो बढ़ेगी ही साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. सवाल ये है कि ये नई तोपें कितनी दमदार होंगी और भारतीय सेना को इससे कितना फायदा मिलेगा? जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें!

New Delhi: भारतीय सेना की ताकत में बड़ा इजाफा होने वाला है. रक्षा मंत्रालय ने भारत फोर्ज लिमिटेड और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ 6,900 करोड़ रुपये की दो बड़ी डील पर हस्ताक्षर किए हैं. इन समझौतों के तहत सेना को 155mm/52 कैलिबर एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और हाई मोबिलिटी व्हीकल 6x6 गन टोइंग वाहन मिलेंगे. यह डील ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत देश में रक्षा उत्पादन को मजबूती देने के लिए की गई है.
युद्ध क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी
रक्षा मंत्रालय के इस फैसले से भारतीय सेना को नई ताकत मिलेगी. ATAGS तोपें पुरानी तोपों की जगह लेंगी और इनकी मारक क्षमता कहीं अधिक होगी. ये लंबी दूरी तक सटीक निशाना साधने में सक्षम होंगी, जिससे सेना को ऑपरेशनल स्तर पर बड़ी बढ़त मिलेगी. इन तोपों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें मैदानी, पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे भारतीय सेना के तोपखाने को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जा सकेगा.
निजी क्षेत्र की भागीदारी से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा
यह पहली बार है जब भारतीय सेना ने इतनी बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र से तोपें खरीदी हैं. भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को यह ठेका देकर न केवल भारतीय रक्षा उद्योग को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है, बल्कि देश में रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम है. इस सौदे से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और भारतीय कंपनियां वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी.
डील पर कहां और कैसे लगी मुहर?
यह डील नई दिल्ली के दक्षिण ब्लॉक में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में साइन की गई. इस दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की पुणे स्थित आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) के वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने ATAGS तोप को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई.
1.40 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदे
सरकार इस साल सेना की ताकत बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत के बाद से अब तक 1.40 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत रक्षा खरीद सौदे किए जा चुके हैं. यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
सेना के लिए गेम चेंजर साबित होगा यह सौदा
ATAGS और 6x6 गन टोइंग वाहन भारतीय सेना के लिए मील का पत्थर साबित होंगे. ये आधुनिक और स्वदेशी तकनीक से बने हथियार सेना की ऑपरेशनल ताकत को बढ़ाएंगे. यह सौदा देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ भारतीय रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.