म्यांमार भूकंप में भारतीय समुदाय सुरक्षित, विदेश मंत्रालय ने दी राहतभरी खबर
Indians in Myanmar: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. इसमें हजारों लोगों की जान चली गई और कई लोग बेघर हो गए हैं. इस बीच विदेश मंत्रालय ने राहतभरी खबर दी है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सभी सदस्य सुरक्षित हैं.

Indians in Myanmar: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप से हजारों लोगों की जान चली गई . लेकिन राहत की बात यह है कि वहां रह रहे भारतीय समुदाय के किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है. विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्यों के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य नेतृत्व से बात कर संवेदनाएं व्यक्त की हैं और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है.
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि भूकंप के बाद भारत ने त्वरित कदम उठाए हैं और राहत सामग्री से लेकर मेडिकल सहायता तक हर प्रकार की मदद भेजी जा रही है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार म्यांमार के साथ खड़ी है और इस संकट की घड़ी में सहयोग जारी रहेगा.
भारत की तत्काल प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत त्वरित राहत अभियान शुरू किया है. इस ऑपरेशन का नाम ब्रह्मा इसलिए रखा गया है क्योंकि यह सृजन के देवता हैं, और भारत म्यांमार को पुनर्निर्माण में सहयोग कर रहा है. राहत सामग्री से भरा पहला विमान सुबह 3 बजे हिंडन एयरबेस से रवाना हुआ और सुबह 8 बजे यांगून पहुंचा. भारत के राजदूत ने इसे यांगून के मुख्यमंत्री को सौंपा. इसके अतिरिक्त, खोज और बचाव दल, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित कुत्तों को लेकर दो और विमानों को भेजा गया.
प्रधानमंत्री मोदी का म्यांमार को समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सैन्य नेतृत्व वाली सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से फोन पर बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और सहायता की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम म्यांमार के साथ एकजुटता में खड़े हैं और राहत, बचाव और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे."
भारतीय सेना की मेडिकल टीम रवाना
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारतीय सेना की 118 सदस्यीय फील्ड अस्पताल इकाई आगरा से मांडले के लिए रवाना हो गई है. यह टीम म्यांमार में प्रभावित लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी. भारत सरकार द्वारा इस मानवीय संकट में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका से न केवल म्यांमार को राहत मिलेगी, बल्कि यह दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा.