मुस्कान जेल में सिलेगी कपड़ा और साहिल उगाएगा सब्जियां, दोनों ने एक ही बैरक में रहने की जताई थी इच्छा
मुस्कान को जेल में अन्य महिला कैदियों के साथ कपड़े सिलने और मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं साहिल को जेल के कृषि क्षेत्र में शामिल किया जाएगा, जहां वह सब्जियां उगाने में मदद करेगा. जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से ये दोनों अपनी नई गतिविधियों की शुरुआत करेंगे.

Meerut Case: मेरठ जेल में बंद साहिल और मुस्कान को अब एक नई दिशा में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा. 1 अप्रैल से दोनों को अलग-अलग कौशल सिखाए जाएंगे, जिसमें मुस्कान सिलाई का प्रशिक्षण लेगी, जबकि साहिल जेल परिसर में खेती करेगा और सब्जियां उगाएगा. हालांकि, जेल प्रशासन ने इन दोनों को अलग-अलग बैरकों में भेजने का निर्णय लिया है, क्योंकि पुरुष और महिला कैदियों को एक साथ रखने की अनुमति नहीं है.
साहिल और मुस्कान की कहानी जेल में आए दिन नए मोड़ ले रही है. इस बार जब उन्हें जेल प्रशासन द्वारा पूछा गया कि वे क्या नया सीखना चाहते हैं, तो मुस्कान ने सिलाई का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई, वहीं साहिल ने खेती करने का विचार व्यक्त किया. जेल प्रशासन ने इन दोनों की मांगों को स्वीकार करते हुए उन्हें उनके इच्छित कार्यों में शामिल करने का निर्णय लिया है.
अलग-अलग बैरक में रहेंगे मुस्कान और साहिल
जेल के नियमों के अनुसार, नए कैदियों को पहले 10 दिन तक विशेष निगरानी में रखा जाता है, जिसे मुलाहिजा पीरियड कहा जाता है. इस दौरान कैदियों का मूल्यांकन किया जाता है और इसके बाद उन्हें स्थायी बैरकों में भेजा जाता है. इस प्रक्रिया के तहत मुस्कान और साहिल को अलग-अलग बैरकों में स्थानांतरित किया गया. हालांकि, दोनों ने एक ही बैरक में रहने की इच्छा जताई, लेकिन जेल मैन्युअल के अनुसार, पुरुष और महिला कैदियों को एक साथ रखने की अनुमति नहीं है, इसलिए प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया.
इस प्रकार, साहिल और मुस्कान को जेल में अपना समय कुछ नया सीखने में व्यतीत करने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में बदलाव आ सकता है.