मोदी ही नहीं नड्डा की भी होने वाली है विदाई! अप्रैल के अंत तक BJP को मिल सकता है नया राष्ट्रीय अध्यक्ष
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बीजेपी में बड़ा फेरबदल होने वाला है. इसके पहले खबर आई थी कि पीएम मोदी 2027 में रिटायर्ड होने वाले हैं. फिलहाल इसपर बीजेपी के कई नेताओं ने अपना पक्ष रखते हुए इसको अफवाह बता दिया. लेकिन अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की विदाई को लेकर खबर सामने आई है.

BJP New President: खबर आ रही है कि संसद सत्र समाप्त होते ही बीजेपी में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. कहा जा रहा है कि अगले एक सप्ताह में उत्तर प्रदेश, पंश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्षों को तैनात किया जाएगा. इस क्रम में 19 प्रदेश अध्यक्षों की बीजेपी घोषणा कर सकती है. इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन होगा.
सूत्रों ने बताया कि अभी तक 13 राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक चुनावी प्रक्रिया पूरी हुई है. इसके बाद सभी 13 प्रदेशों के नए प्रदेश अध्यक्षों का एलान किया जा चुका है. अब 19 अन्य प्रदेशों में यह प्रक्रिया संसद सत्र समाप्त होने के बाद शुरू होगी. 19 प्रदेशों में संगठन का काम खत्म होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं. इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट भी शामिल है. ऐसे में माना ये जा रहा है कि अप्रैल के अंत तक भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है.
कब होता है बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव?
दरअसल, भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50 प्रतिशत राज्यों में संगठनात्मक चुनाव होना जरूरी है. उससे पहले बूथ, मंडल और जिला स्तर पर चुनाव होते हैं.जेपी नड्डा ने 2019 में कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की जिम्मेदारी संभाली थी. जनवरी 2020 में उन्हें सर्वसम्मति से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया और उन्होंने वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पदभार ग्रहण किया. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया गया था.
नड्डा के सरकार में शामिल होने के बाद बीजेपी कर रही विचार
जेपी नड्डा के सरकार में उनके शामिल होने के बाद से पार्टी उनके उत्तराधिकारी के लिए संभावित उम्मीदवारों पर विचार कर रही है. सही उम्मीदवार चुनना एक कठिन काम है. भाजपा को सही जातिगत समीकरण बनाने की जरूरत है, और भाषा विवाद और परिसीमन पर उत्तर-दक्षिण विभाजन को संतुलित करना होगा.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में RSS का हस्तक्षेप
पार्टी पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने के दबाव में है, जहां लोकसभा चुनावों में मिली हार के कारण वह सदन में अकेले दम पर बहुमत से वंचित रह गई थी. इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या नया अध्यक्ष उसी राज्य से चुना जाएगा. उम्मीदवार को भाजपा के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सहित सभी के बीच स्वीकार्य होना होगा, तथा संगठनात्मक मूल्यों में निपुण होना होगा.