तेलंगाना में मोर के मांस की तस्करी, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
राज्य में बर्ड फ्लू के डर के बीच मांस खाने वाले विशेषकर चिकन प्रेमी चिंतित हैं. चूंकि फ्लू के डर से कई लोग चिकन खाने से हिचकिचाते हैं, इसलिए एक व्यक्ति ने सोचा कि मोर का मांस स्वीकार्य होगा, भले ही उसकी कीमत थोड़ी अधिक हो. उन्होंने राष्ट्रीय पक्षी मोर का मांस बेचने की कोशिश की. वह मामले को उजागर करने के लिए पुलिस और वन अधिकारियों के पास गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

नलगोंडा जिले के वेमुलापल्ली मंडल के शेट्टीपालेम निवासी निम्माला रमेश पर राष्ट्रीय पक्षी मोर और अन्य वन्यजीवों का मांस बेचने का आरोप लगा है. रमेश जानवरों और पक्षियों का शिकार करके अपनी आजीविका चलाता है और पिछले कुछ समय से वह मोर के मांस के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों का मांस भी बेच रहा था. यह मामला तब सामने आया जब पुलिस को इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिली और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया.
पुलिस और वन विभाग का संयुक्त ऑपरेशन
पुलिस ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर रमेश के मांस बेचने के केंद्र पर छापेमारी की. इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो मृत मोर और करीब एक किलोग्राम मांस से भरे दस पैकेट जब्त किए. पुलिस ने बताया कि ये पैकेट हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं ताकि यह जांचा जा सके कि पैकेट में मौजूद मांस किस पशु का है. पुलिस और वन विभाग के अधिकारी अब मांस के स्रोत और इस अवैध व्यापार में शामिल लोगों की पहचान के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं.
अपराधी के खिलाफ कार्रवाई
इस घटना को लेकर पुलिस ने आरोपी निम्माला रमेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है. सब-इंस्पेक्टर डी. वेंकटेश्वरलू ने कहा कि वन्यजीवों और राष्ट्रीय पक्षियों को मारना एक गंभीर अपराध है. चाहे यह तस्करी के माध्यम से लाया गया हो या पकाकर खाया गया हो, इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का दावा कर रही है.