Republic Day 2025: सरहद पार के जुल्मों से तंग आकर आए भारत, CAA के बाद मिली नागरिकता, पहली बार मनाया गणतंत्र दिवस
पाकिस्तान से आए शरणार्थी आज अपना पहला गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. उन्हें बीते दिनों भारत की नागरिकता मिली है. उनका यह पहला राष्ट्रीय पर्व है जिसकी खुशी इनके चेहरों पर साफ देखने को मिल रही है. बाड़मेर जिले में पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए दर्जनों लोगों को पहली बार भारतीय नागरिकता मिली है. इन पाक विस्थापितों ने गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पहली बार भारत का झंडा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए है.

देश आज यानी 26 जनवरी को अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो पहली बार इस गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. जी हां, पाकिस्तान से भारत आए शरणार्थी आज अपना पहला गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. दरअसल, बीते दिनों मिली भारतीय नागरिकता के बाद उनका यह पहला राष्ट्रीय पर्व है जिसकी खुशी इनके चेहरों पर साफ देखने को मिल रही है. अब तक इन लोगों के लिए सरहद पार ना तो गण था और ना ही उनका कोई तंत्र.
भारतीय नागरिक बनने के बाद इनके लिए गणतंत्र दिवस के मायने ही अलग है. यही वजह है कि इन सभी ने न केवल भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अपने सिर पर लगाया बल्कि उन्होंने राष्ट्रगान भी गाया है. इन लोगों के मुताबिक जिस दिन भारतीय सरजमीं पर पैर रखा था तब चैन की सांस ली थी और जिस दिन भारतीय नागरिकता मिली वह दिन जिंदगी का सबसे यादगार दिन बन गया है. आज गणतंत्र दिवस की खुशी वह अपने शब्दों से बयां नहीं कर सकते हैं.
सीएए लागू होने के बाद मिली थी नागरिकता
बाड़मेर जिले में पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए दर्जनों लोगों को पहली बार भारतीय नागरिकता मिली है. इन पाक विस्थापितों ने गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पहली बार भारत का झंडा फहराया और भारत माता की जय के नारे लगाए है. भारतीय नागरिकता पाने वाली बुजुर्ग महिला ढाई कंवर ने कहा कि पहले उनकी भागीदारी नहीं होती थी लेकिन अब वोट के अधिकार के साथ-साथ अब लोगों में उनकी गिनती हो सकेगी.
नागरिकता पाने वालों में राण सिंह, हाकमसिंह, दरिया कंवर, ढाई कंवर, निम्बराज, स्वरूप सिंह, हितेश सिंह, मीना कंवर, कविता बाई, गुड़िया कंवर शामिल है. नागरिकता पाने वाले राणसिंह के मुताबिक भारतीय नागरिकता से मिलने से उनकी राह आसान हो गई है. पिछले 10 साल से नागरिकता के लिए इंतजार कर रहे थे, लेकिन गणतंत्र दिवस से पहले भारत की नागरिकता पाकर गर्व से सीना चौड़ा हो गया है. पाक विस्थापित संघ बाड़मेर जिलाध्यक्ष नरपतसिंह धारा बताते है कि सीएए लागू होने से भारतीय नागरिकता मिलने में सहूलियत मिली है.