वक्फ संसोधन बिल का TDP ने किया खुलकर समर्थन, यहां देखें NDA घटक दलों की किधर घूम रही सुई
वक्फ संशोधन बिल कल यानी बुधवार, 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किया जाएगा. सत्ताधारी पार्टी BJP ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है, जिससे वे सदन में उपस्थित रहकर बिल के पक्ष में मतदान करें. दूसरी तरफ TDP ने भी अब खुलकर इस बिल का समर्थन किया है.

TDP openly supported Wakf Amendment Bill: टीडीपी ने वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में मतदान करने का निर्णय लिया है, और इसके साथ ही उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए थे. सूत्रों के मुताबिक, टीडीपी द्वारा सुझाए गए तीन प्रमुख सुझावों को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने अपनी रिपोर्ट में शामिल कर लिया है. इसके साथ ही ये संशोधन अब वक्फ संशोधन बिल में शामिल कर दिए गए हैं.
टीडीपी के अलावा जेडीयू ने भी वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है. इसके साथ ही जेडीयू के सुझाव भी इस बिल में शामिल किए गए हैं. हालांकि, अटकलें थीं कि भाजपा के कुछ सहयोगी दल वक्फ बिल के समर्थन पर संदेह में हैं. लेकिन, टीडीपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बिल के पक्ष में मतदान करेंगे. पहले यह माना जा रहा था कि टीडीपी, जो एक धर्मनिरपेक्ष विचारधारा की पक्षधर पार्टी है, बिल पर संशोधन के लिए विचार करेगी. लेकिन टीडीपी द्वारा सुझाए गए संशोधनों को बिल में शामिल किया गया, जिसके बाद पार्टी ने बिल के समर्थन में वोट देने का निर्णय लिया.
ललन सिंह ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ बिल पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट नहीं किया था. हालांकि, जेडीयू के नेताओं ने भाजपा के साथ चर्चा की और बिल पर गहन मंथन किया. ललन सिंह ने कांग्रेस की इस मांग पर प्रतिक्रिया दी कि जेडीयू को धर्मनिरपेक्षता पर प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी वक्फ विधेयक पर अपना रुख संसद में स्पष्ट करेगी.
चिराग पासवान की पार्टी का रुख साइलेंट
बिहार से एनडीए के अन्य सहयोगी दल, जैसे जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने बिल के समर्थन का ऐलान किया है, लेकिन चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) और अन्य छोटे दलों ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है.
कल 12 बजे संसद में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल
विधेयक पर चर्चा 2 अप्रैल को लोकसभा में होगी और इसे पेश करने का समय दोपहर 12 बजे तय किया गया है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू इस विधेयक पर विस्तृत जानकारी देंगे और इस पर आठ घंटे तक चर्चा होगी. यदि आवश्यक हुआ, तो समय बढ़ाया भी जा सकता है. रिजिजू ने कहा कि हर राजनीतिक दल को इस पर अपनी राय व्यक्त करनी चाहिए.
इन पार्टियों ने वक्फ संशोधन बिल का किया है विरोध
विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, और तृणमूल कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया है, और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इसे असंवैधानिक बताया है. उनका कहना है कि यह विधेयक संविधान के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है.