Waqf Bill In Lok Sabha: 12 घंटे की तीखी बहस के बाद लोकसभा में वक्फ बिल पास, विपक्ष ने बताया 'मुस्लिम विरोधी'

Waqf Bill In Lok Sabha: लोकसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को पारित कर दिया गया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच 12 घंटे से अधिक तीखी बहस हुई. एनडीए सरकार ने इसे अल्पसंख्यकों के हित में बताया, जबकि विपक्ष ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Waqf Bill In Lok Sabha: गुरुवार को लोकसभा में 12 घंटे से अधिक चली तीखी बहस के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़ा टकराव देखने को मिला. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने इस विधेयक को अल्पसंख्यकों के हित में बताते हुए बचाव किया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे "मुस्लिम विरोधी" करार दिया.

बहस के दौरान विपक्ष द्वारा पेश किए गए सभी संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया. आखिर में मत विभाजन के बाद विधेयक को 288 मतों के समर्थन और 232 मतों के विरोध के साथ पारित कर दिया गया.

विधेयक पर सरकार का पक्ष

विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस देश में सभी समुदाय गर्व के साथ रहते हैं. उन्होंने कहा, "भारत से सुरक्षित जगह अल्पसंख्यकों के लिए कहीं नहीं है. बहुसंख्यक समाज पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष है और इसी वजह से अल्पसंख्यक यहां सुरक्षित महसूस करते हैं." उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ न्यायाधिकरणों में बड़ी संख्या में विवाद लंबित हैं और सरकार इस कानून के जरिए मामलों के त्वरित निपटारे की कोशिश कर रही है.

गृह मंत्री अमित शाह का बयान

बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ बिल को लेकर देश में भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, "मोदी सरकार वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर कानून बनाती है. हमारा उद्देश्य लोगों के कल्याण और न्याय पर केंद्रित है."

शाह ने यह भी कहा कि 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया था और यदि ऐसा न हुआ होता, तो आज यह नया कानून लाने की जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने कहा, "2014 के चुनाव से पहले दिल्ली के लुटियन ज़ोन की 123 संपत्तियां वक्फ को सौंप दी गई थीं, जो पूरी तरह से अनुचित था."

विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्षी दलों ने इस विधेयक को मुस्लिम विरोधी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया. विपक्ष का कहना है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों और अधिकारों को कमजोर करेगा. कई नेताओं ने सरकार पर धार्मिक भेदभाव करने का आरोप लगाया.

विधेयक में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

  1. वक्फ न्यायाधिकरणों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा.

  2. वक्फ बोर्डों में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और संरचित किया जाएगा.

  3. वक्फ बोर्डों में अनिवार्य अंशदान को 7% से घटाकर 5% किया गया.

  4. एक लाख रुपये से अधिक आय वाली वक्फ संपत्तियों का लेखा परीक्षण राज्य प्रायोजित लेखा परीक्षकों द्वारा किया जाएगा.

  5. वक्फ संपत्ति प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल बनाया जाएगा.

  6. महिलाओं को वक्फ घोषणा से पहले अपनी विरासत प्राप्त करने का अधिकार मिलेगा.

  7. वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान.

क्या होगा अगला कदम?

विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा. यदि वहां भी इसे मंजूरी मिलती है, तो यह कानून का रूप ले लेगा.

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03 April 2025, 09:07 AM IST

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