'जब तक पिता है जीवित'..., PM मोदी के रिटायरमेंट पर बिफरे फडणवीस, खेल गए 'औरंगजेब कार्ड'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के नेता संजय राउत के उस बयान का कड़ा विरोध किया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि PM मोदी इस साल 75 साल की उम्र में इस्तीफा दे देंगे. फडणवीस ने कहा कि मोदी हमारे 'पिता' जैसे हैं और उनके उत्तराधिकारी की चर्चा अभी नहीं हो सकती. इस पूरे मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ी है लेकिन क्या सच में मोदी अपने पद से हटेंगे? जानें इस दिलचस्प राजनीति की पूरी कहानी जो हाल ही में BJP और RSS के बीच घमासान का कारण बनी है!

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Edited By: Aprajita

Maharastra: रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवानिवृत्ति को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना के नेता संजय राउत पर कड़ा पलटवार किया. संजय राउत ने यह दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी, जो सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे इस साल अपना इस्तीफा दे सकते हैं. उनका कहना था कि बीजेपी के अनकहे नियमों के मुताबिक, 75 साल के ऊपर के नेता मंत्री पद नहीं ले सकते.

नागपुर यात्रा और RSS मुख्यालय का दौरा

यह बयान उस समय आया जब मोदी ने RSS के नागपुर मुख्यालय का दौरा किया. यह उनकी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नागपुर यात्रा थी. राउत ने यह भी कहा कि RSS ने मोदी को उनके उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा करने के लिए बुलाया था और वह शायद अपनी सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने गए थे.

फडणवीस का तीखा जवाब

फडणवीस ने राउत के इस बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए 'पिता' की तरह हैं और उनके उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा करना अभी गलत होगा. हमारी संस्कृति में जब तक पिता जीवित हैं तब तक उनके बाद के बारे में बात करना अनुचित है.' फडणवीस ने इसे 'मुगल संस्कृति' कहकर मजाक उड़ाया और साफ किया कि 2029 में हम फिर से मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे.

राउत का दावा – मोदी का उत्तराधिकारी महाराष्ट्र से होगा

यह विवाद तब और बढ़ा जब राउत ने यह भी कहा कि मोदी का उत्तराधिकारी महाराष्ट्र से होगा और RSS इस पर फैसला करेगा. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री मोदी का समय अब समाप्त हो चुका है और पार्टी बदलाव चाहती है. लेकिन फडणवीस ने इसका जोरदार विरोध किया और कहा कि यह मुद्दा अभी नहीं आया है.

प्रधानमंत्री मोदी की नागपुर यात्रा – क्या है इसका महत्व?

प्रधानमंत्री मोदी की नागपुर यात्रा काफी अहम मानी जा रही है. यह उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार था जब वह RSS मुख्यालय पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और संगठन के बारे में चर्चा की.

राजनीतिक हलचल का बढ़ता असर

यह घटना न केवल महाराष्ट्र की राजनीति में बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है. मोदी के उत्तराधिकारी पर चर्चा और RSS के प्रभाव को लेकर अलग-अलग मत हैं. जहां कुछ लोग मानते हैं कि मोदी का नेतृत्व आगे भी जारी रहेगा वहीं कुछ लोग बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मोदी का नेतृत्व भविष्य में किस दिशा में जाता है और बीजेपी इस पर क्या कदम उठाती है.

फडणवीस और राउत के बयान से बने नए समीकरण

फडणवीस और राउत के इस बयान के बाद, राजनीतिक दलों के बीच नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. क्या प्रधानमंत्री मोदी अपना कार्यकाल जारी रखेंगे या पार्टी में बदलाव आएगा यह आने वाले समय में साफ होगा.

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31 March 2025, 05:44 PM IST

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