आपके वीटो वाले दिन लद गए...' रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को घेरा!
Wakf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश होते ही सदन में गर्मागर्म बहस शुरू हो गई. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने विधेयक का समर्थन करते हुए विपक्ष पर तीखे सवाल दागे. उन्होंने पूछा कि वक्फ बोर्ड की 8 लाख संपत्तियों का सही उपयोग क्यों नहीं हो रहा? क्या इनका इस्तेमाल स्कूल, अस्पताल या गरीबों के लिए किया गया?

Wakf Amendment Bill 2025: लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया, जिससे सदन में जमकर बहस छिड़ गई. बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस विधेयक का पुरजोर समर्थन करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ बोर्ड की 8 लाख संपत्तियों का इस्तेमाल किसके लिए हो रहा है? क्या इन संपत्तियों पर स्कूल, अस्पताल, स्किल सेंटर या अनाथालय बने? उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों की "लूट" पर अब चुप नहीं बैठा जा सकता.
रविशंकर प्रसाद ने शाह बानो केस से लेकर तीन तलाक तक का मुद्दा उठाते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर भी निशाना साधा. उन्होंने नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी के बहिष्कार को लेकर कहा कि "आपके वे दिन लद गए जब वीटो लगाते थे. अब यह मोदी सरकार है, जो बिना भेदभाव के विकास के लिए काम करेगी."
कब्रिस्तान, मस्जिदें लेकिन विकास कहां?
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर पारदर्शिता की कमी को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि "देश में वक्फ बोर्ड के पास 8 लाख से ज्यादा संपत्तियां हैं, जिनमें कब्रिस्तान, मस्जिदें शामिल हैं, लेकिन इनमें से कितनी संपत्तियों का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य या समाज कल्याण के लिए हुआ?" उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "आप दिल से संशोधन के पक्ष में हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण विरोध कर रहे हैं." उन्होंने कांग्रेस के शाह बानो केस का जिक्र करते हुए कहा कि "जब सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानो को मुआवजा देने का फैसला सुनाया, तब भी राजनीति की गई."
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर हमला
रविशंकर प्रसाद ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि "जब तीन तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट में था, तब AIMPLB ने कहा कि हम निकाहनामे में शर्त रखेंगे कि तीन तलाक नहीं दिया जाएगा. लेकिन जब मोदी सरकार ने इस पर कानून बनाया, तब उन्होंने पूरे देश में इसका विरोध किया." उन्होंने AIMPLB के बहिष्कार के मुद्दे पर कहा कि "अब आपके वीटो वाले दिन लद गए हैं. देश में अब विकास की राजनीति होगी, वोट बैंक की नहीं."
क्या कहता है नया वक्फ संशोधन विधेयक?
- विधेयक के तहत हाई कोर्ट को सीधे मामले में दखल देने का अधिकार मिलेगा.
- वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान किए जाएंगे.
- अब कोई भी व्यक्ति कोर्ट में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों को चुनौती दे सकेगा.
- विपक्ष को चुनौती देते हुए रविशंकर प्रसाद ने पूछा – "क्या आप चाहते हैं कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग जारी रहे?"
विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि "देश बदल चुका है, कांग्रेस कहां थी और कहां पहुंच गई, यह सभी देख रहे हैं." उन्होंने विपक्ष से पूछा कि "आप वक्फ संपत्तियों की लूट जारी रखना चाहते हैं या फिर उनका सही इस्तेमाल देखना चाहते हैं?" उन्होंने ईसाई समाज की चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि "आज क्रिश्चियन समाज भी वक्फ में बदलाव चाहता है. आखिर क्यों?"
नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार
रविशंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी के बहिष्कार का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम संगठनों ने इफ्तार से दूरी बनाकर जेडीयू पर वक्फ विधेयक को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि "वोट दो या न दो, लेकिन मोदी सरकार जब सत्ता में है, तो सबको समान दृष्टि से देखेगी."
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर संसद में जमकर बहस हुई. बीजेपी इसे पारदर्शिता और सुधार का कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इस पर खुलकर अपनी राय नहीं दे पा रहा. इस बिल के जरिए वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने और गरीबों के हित में उनके सही उपयोग को सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. आने वाले समय में यह बिल संसद में और भी ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है.