क्या 2028 में ट्रंप और ओबामा के बीच होगा महामुकाबला? अमेरिका छिड़ी नई बहस
अगर 2028 में ट्रंप और ओबामा आमने-सामने आते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक चुनावी मुकाबला हो सकता है. दोनों नेताओं के पास अपने-अपने कट्टर समर्थकों का मजबूत आधार है और यह चुनाव अमेरिकी राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हो सकता है.

US News: अमेरिकी राजनीति में इन दिनों एक नई बहस छिड़ी है, इसके पीछे की वजह डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान बताया जा रहा है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 2028 में बराक ओबामा के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया, 'मुझे मजा आएगा!' इस बयान ने एक नई चर्चा का आगाज किया है कि क्या ओबामा तीसरी बार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं और क्या 2028 में ट्रंप और ओबामा के बीच मुकाबला होगा?
बराक ओबामा दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं (2008 और 2012), राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं गए हैं. 2024 में उन्होंने पर्दे के पीछे से जो बाइडेन और कमला हैरिस की मदद की थी, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का विचार कर रहे हैं? पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि ओबामा अपनी पत्नी मिशेल को राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतारेंगे, लेकिन जब जो बाइडेन ने चुनाव से खुद को अलग कर लिया तो डेमोक्रेटिक पार्टी ने कमला हैरिस को उम्मीदवार चुना.
संविधान में हुआ संशोधन तो ओबामा का भी खुलेगा रास्ता
डोनाल्ड ट्रंप ने संविधान के 22वें संशोधन पर सवाल उठाया था, जो किसी को दो बार से अधिक राष्ट्रपति बनने से रोकता है. उन्होंने कहा था कि लोग कहते हैं कि इस नियम को बदलने के तरीके हैं, लेकिन उन्होंने अभी इस पर ज्यादा विचार नहीं किया. इस बयान के बाद यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि शायद ट्रंप 2028 में तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए रास्ता तलाश सकते हैं. अगर संविधान में कोई बदलाव होता है, तो ओबामा के लिए भी तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का मार्ग खुल सकता है.
संविधान में बदलाव की संभावना
यदि ट्रंप और ओबामा दोनों ही तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए संविधान में बदलाव की संभावना तलाशते हैं, तो यह अमेरिकी राजनीति को पूरी तरह से बदल सकता है. जैसा कि रूस और चीन में हो चुका है, जहां नेताओं ने अपने कार्यकाल की सीमाएं हटा दी हैं, वैसे ही अगर अमेरिका में भी ऐसा होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए एक नई दिशा हो सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह चर्चा सिर्फ अटकलों तक सीमित रहेगी या 2028 में वाकई कोई ऐतिहासिक चुनाव होने जा रहा है.