ईद उल-फितर के दिन बेरूत पर इजरायल का हमला, 3 की मौत, 7 घायल
मंगलवार को इजरायली सेना ने बेरुत के दक्षिणी उपनगर में एक इमारत पर हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए. इजराइल ने दावा किया कि इस हमले का उद्देश्य हिज़्बुल्ला के एक सदस्य को निशाना बनाना था, जो गाजा में हमास के साथ मिलकर इजराइल पर हमले कर रहा था. यह हमला उस समय हुआ जब दक्षिणी लेबनान से इजराइल की ओर दो प्रक्षिप्त दागे गए थे, हालांकि हिज़्बुल्ला ने इन दावों का खंडन किया.

मंगलवार की सुबह इजरायली सेना ने बेरुत के दक्षिणी उपनगर में एक इमारत को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए. इजराइल ने दावा किया कि यह हमला उस समय किया गया जब एक सदस्य को निशाना बनाया गया, जो हिज्बुल्लाह मिलिट्री ग्रुप से संबंधित था. इस हमले से पहले इजराइल ने शुक्रवार को बेरुत पर पहली बार हमला किया था, जो नवंबर में इजराइली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम के बाद का पहला हमला था.
इजराइल ने यह हमला उस वक्त किया जब शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान से दो प्रक्षिप्त (projectiles) इजराइल की ओर दागे गए थे, हालांकि हिज़्बुल्ला ने इस दावे से इनकार किया. लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हवाई हमले में सात अन्य लोग घायल हो गए. इजराइल का कहना है कि यह हवाई हमला एक हिज़्बुल्ला सदस्य को निशाना बनाने के लिए था, जो गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी हमास समूह की मदद कर रहा था और इजराइल पर हमले कर रहा था.
इजराइल का लक्ष्य
इजराइल की सेना ने अपने एक बयान में कहा कि यह हवाई हमला शिन बेट (इजराइल की घरेलू खुफिया एजेंसी) के निर्देशन में किया गया था, और इसका उद्देश्य हिज़्बुल्ला से जुड़े एक सदस्य को मारना था, जो हमास के साथ मिलकर इजराइल पर हमले कर रहा था. इस हमले के बाद हिज़्बुल्ला की ओर से कोई बयान नहीं आया है, और इस घटना के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
हमले की साक्षी बयानी
हुसैन नूर अल-दीन, जो इस हमले के समय अपनी घर पर थे, ने बताया कि यह हमला इस्लामिक त्योहार 'ईद अल-फित्र' के दिन हुआ था. उन्होंने कहा, "हम घर में थे. यह ईद का दिन था. हमें नहीं पता था कि हमला कहाँ हुआ, लेकिन जब धुंआ साफ हुआ, तो हमने देखा कि यह हमला हमारे सामने वाली इमारत पर हुआ है." इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए, जिनमें इमारत की ऊपरी तीन मंजिलों को गंभीर नुकसान दिखाया गया था और नीचे कारों पर मलबा गिरा हुआ था.
हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया और चेतावनी
हिज़्बुल्लाह के नेता शेख नाइम कास्सेम ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर इजराइल का हमला जारी रहा और लेबनान सरकार इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाती, तो हिज़्बुल्लाह अन्य विकल्पों की ओर बढ़ सकता है.
लेबनान में बढ़ते तनाव और इजरायल के हमले
इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से लेबनान और इजरायल के बीच तनाव और बढ़ गया है. 14 महीने तक चले इजराइल-हिज़्बुल्लाह युद्ध के बाद, अमेरिकी मध्यस्थता से एक संघर्ष विराम हुआ था, जिसके तहत इजराइल को लेबनान की पूरी सीमा से हटना था, जबकि हिज़्बुल्लाह को लितानी नदी के दक्षिणी इलाके से अपनी सशस्त्र उपस्थिति को समाप्त करना था. इसके बावजूद, इजरायल द्वारा दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में लगातार हमले किए जा रहे हैं, जो हिज़्बुल्लाह के अधिकारियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं.
लेबनान सरकार की प्रतिक्रिया
लेबनान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल के हमलों को रोकने और उस पर दबाव डालने का आग्रह किया है, ताकि इजराइल के सैनिकों को जिन पांच पहाड़ी क्षेत्रों में लेबनान की सीमा पर तैनात किया गया है, वहाँ से हटाया जा सके.