ईद पर भी धमाकों की गूंज... इजरायल ने राफा में बरपाया कहर, लोगों को दिया इलाका खाली करने का अल्टीमेटम
ईद के मौके पर भी इजरायल ने गाजा के राफा शहर में हमले किए और वहां के निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी. राफा क्रॉसिंग पर इजरायली सेना का कब्जा कायम है, जिससे फिलिस्तीनियों को भोजन, दवा और अन्य आवश्यक चीजें नहीं मिल पा रही हैं.

इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम टूटने के बाद से हालात और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं. ईद के मौके पर भी इजरायल ने गाजा पट्टी में भीषण हमले किए और राफा शहर के लोगों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी. इजरायली सेना ने कहा कि अगर लोग राफा नहीं छोड़ते तो उन्हें गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि इजरायल इस शहर पर हवाई और जमीनी हमलों को और तेज कर सकता है.
राफा शहर पर मंडराता खतरा
हमास और इजरायल के बीच सीजफायर समाप्त हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन इसे आगे बढ़ाने पर कोई सहमति नहीं बन पाई है. इसी बीच, इजरायल ने मार्च की शुरुआत से ही 20 लाख लोगों की सहायता, भोजन, दवा और ईंधन की आपूर्ति को बाधित कर दिया था. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि ये दबाव इसलिए बनाया गया ताकि हमास संघर्ष विराम की शर्तों को मान ले. लेकिन हमास के रुख में कोई बदलाव ना आने के कारण इजरायल ने हमले जारी रखे हैं.
ईद के दिन भी हिंसा जारी
ईद के मौके पर, जब दुनियाभर के मुसलमान एक-दूसरे से मिलकर खुशियां बांटते हैं, इजरायल ने गाजा के राफा शहर के निवासियों को वहां से निकलने का आदेश दिया. इजरायली सेना ने कहा कि लोग मुवासी की ओर चले जाएं, जहां पहले से हजारों विस्थापित लोग टेंटों में रह रहे हैं. रविवार से लेकर अब तक इस इलाके में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से कई हमास के सदस्य बताए जा रहे हैं.
राफा क्रॉसिंग पर इजरायली सेना का कब्जा
इजरायल ने पिछले साल मई में भी राफा पर भीषण हमला किया था, जिससे ये शहर लगभग तबाह हो गया था. वर्तमान में मिस्र से जुड़ने वाली राफा क्रॉसिंग पर इजरायली सेना का कब्जा है. ये क्रॉसिंग गाजा का दुनिया से संपर्क स्थापित करने का एकमात्र जरिया है, लेकिन अब इस पर भी इजरायल ने नियंत्रण कर लिया है.
अमेरिका के दबाव के बावजूद इजरायल का सख्त रुख
संघर्ष विराम के समझौते में इजरायली सेना को राफा क्रॉसिंग छोड़ने की शर्त भी शामिल की जानी थी, लेकिन इजरायल ने इससे इनकार कर दिया. अमेरिका के दबाव के बावजूद, इजरायल का कहना है कि हमास इस क्रॉसिंग से हथियारों की तस्करी करता है, इसलिए वो इसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. दूसरी ओर, हमास का कहना है कि इजरायल के इस कदम से फिलिस्तीनियों को भोजन, दवा और अन्य आवश्यक चीजें नहीं मिल पा रही हैं.
हमास के बंधकों को लेकर इजरायल का रुख
इजरायल का कहना है कि हमास ने अब भी उसके 59 नागरिकों को बंधक बना रखा है. इनमें से कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन 24 लोग अभी भी जिंदा हैं. जब तक बंधकों की रिहाई नहीं होती, तब तक इजरायल हमले जारी रखेगा. इसके अलावा, इजरायल की मांग है कि हमास अपने हथियार छोड़कर गाजा से बाहर निकल जाए, लेकिन हमास ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है.