म्यांमार में एक सप्ताह का 'राष्ट्रीय शोक', मरने वालों की संख्या 2056 पहुंची, 3900 घायल
म्यांमार में भूकंप के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है. सोमवार को मांडले के ग्रेट वॉल होटल के मलबे से एक महिला को जीवित निकाला गया, जो भूकंप के तीन दिन बाद बची थी. महिला की हालत स्थिर है और म्यांमार में स्थित चीनी दूतावास ने इस बारे में फेसबुक पर जानकारी दी. यह घटना उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, क्योंकि अब तक मलबे से किसी को जीवित निकालने का यह पहला मामला था.

Myanmar Earthquake: म्यांमार में 28 मार्च को आया 7.7 तीव्रता का भूकंप देश में भारी तबाही की वजह बना है. अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 2056 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 3900 से अधिक लोग घायल हो गए हैं और करीब 270 लोग अब भी लापता हैं. म्यांमार की सत्तारूढ़ जुंटा सरकार ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी और मारे गए लोगों के सम्मान में एक सप्ताह का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है.
भूकंप का केंद्र मांडले था, जो म्यांमार के भूकंप के केंद्र के पास स्थित है. इस विनाशकारी भूकंप का असर म्यांमार के साथ-साथ उसके पड़ोसी देशों, खासकर थाईलैंड पर भी पड़ा. बैंकॉक, थाईलैंड की राजधानी में कई इलाकों में नुकसान की खबरें आई हैं. यहां के बचावकर्मी एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत के मलबे में फंसे 76 लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं. भूकंप की वजह से इमारत का ढांचा पूरी तरह से तबाह हो गया था. रविवार तक थाईलैंड में मरने वालों की संख्या 18 थी, लेकिन मलबे से और शव बरामद होने की आशंका है.
भारत लगातार म्यांमार को पहुंचा रहा मदद
भारत समेत कई देशों ने म्यांमार में राहत भेजी है. संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां भी प्रभावित लोगों की मदद कर रही हैं. म्यांमार पहले से ही गृहयुद्ध से जूझ रहा था, और अब भूकंप ने वहां की स्थिति को और जटिल बना दिया है. राहत कार्यों में 23,000 से अधिक प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है.
कई देश भूकंप से प्रभावित
यह भूकंप न केवल म्यांमार, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक बड़े संकट का कारण बना है. राहत और बचाव कार्यों में जुटे लोग अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव के प्रयासों में लगे हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में थोड़ा बहुत राहत मिल रही है.