पाकिस्तानी आर्मी ने ही ली अपनों की जान, सरकार ने कबूला आतंकी समझ 10 नागरिकों को उतारा मौत के घाट
Pakistani army mistake: पाकिस्तान में सेना की एक बड़ी गलती सामने आई है. यहां आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान 10 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 29 मार्च 2025 को हुए इस ड्रोन हमले में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए. घटना के बाद सरकार ने इसे 'अनपेक्षित नुकसान' बताया.

Pakistani army mistake: पाकिस्तान में सेना की एक बड़ी चूक सामने आई है, जहां आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों ने अपने ही 10 नागरिकों को मार गिराया. मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 29 मार्च 2025 को हुई, जब सेना ने एक ड्रोन हमला कर कई आतंकियों को निशाना बनाया. हालांकि, इस हमले में निर्दोष लोगों की भी जान चली गई, जिससे पाकिस्तान सरकार को सफाई देनी पड़ी.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. पीड़ित परिवारों ने मारे गए नागरिकों के शव स्वात हाईवे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया. सरकार ने इस गलती को 'अनपेक्षित नुकसान' करार दिया और दावा किया कि इस ऑपरेशन में कई प्रमुख आतंकवादियों को भी खत्म किया गया है.
ड्रोन हमले में मारे गए 10 नागरिक
पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों के खिलाफ अभियान के तहत ड्रोन हमला किया था. इस ऑपरेशन में 12 आतंकवादियों को मारने का दावा किया गया, लेकिन इस बीच 10 निर्दोष नागरिकों की भी जान चली गई. सरकार के मुताबिक, यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था. इसमें आतंकियों के ठिकानों और उनके ट्रांजिट प्वॉइंट्स को निशाना बनाया गया. हालांकि, अभियान में कुछ आम नागरिकों की मौत होने से विवाद खड़ा हो गया है.
'गलती से हुई नागरिकों की मौत'– पाकिस्तानी सरकार
पाकिस्तानी सरकार ने इसे गलती बताया और कहा कि आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में नागरिकों की जान जाना 'अनपेक्षित क्षति' है. हालांकि, सरकार का दावा है कि इस अभियान में कई बड़े आतंकवादी भी मारे गए हैं. पाकिस्तानी प्रांतीय सरकार के सूचना सलाहकार बैरिस्टर मोहम्मद अली सैफ ने नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए कहा, "इस तरह के ऑपरेशन में नागरिकों की सुरक्षा हमारी बड़ी जिम्मेदारी है. हालांकि, जटिल इलाकों में आतंकवादियों को खत्म करते समय इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं."
पीड़ित परिवारों का विरोध प्रदर्शन
इस हमले के बाद मृतकों के परिजनों ने सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने स्वात हाईवे पर शव रखकर न्याय की मांग की. इस दौरान सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए नारेबाजी भी की गई.