जहां भूकंप ने ली कई जिंदगियां, वहां इन कुत्तों ने बचाई जानें – जानिए कैसे बने थाईलैंड में ये बेजुबान हीरो!
बैंकॉक में हाल ही में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई लेकिन इस मुश्किल वक्त में थाईलैंड के कुत्तों ने अपनी बहादुरी से लोगों की जिंदगियां बचाईं. K9 USAR टीम के कुत्तों ने मलबे में दबे लोगों को ढूंढकर उन्हें बचाने का काम किया. इन प्यारे बचाव कुत्तों की मेहनत, सुरक्षा और आराम के इंतजामों के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. जानिए कुत्तों के प्रशिक्षकों ने किस तरह से इनकी देखभाल की और ये कैसे लगातार काम कर रहे हैं. पढ़ें पूरी खबर!

Thailand K9 Heroes: हाल ही में बैंकॉक में आए भूकंप ने तबाही मचा दी. 33 मंजिला एक इमारत ढहने से कई लोग मलबे में दब गए, जिनमें से 13 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं. इस मुश्किल हालात में थाईलैंड के कुत्तों ने बचाव कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ढूंढ निकाले जीवित लोग.
K9 USAR: प्यारे दोस्त जो बने मददगार
थाईलैंड के रेस्क्यू डॉग एसोसिएशन, K9 USAR ने इस भयानक आपदा के दौरान अद्भुत काम किया. कुत्तों की टीम ने मलबे में दबे हुए लोगों को ढूंढने में मदद की और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी जान लगा दी. थाईलैंड के फेसबुक पेज पर साझा किए गए वीडियो में इन कुत्तों को मलबे में सूंघते और सावधानी से आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है.
कुत्तों की सुरक्षा का पूरा ख्याल
भूकंप के बाद के मलबे में काम करते वक्त कुत्तों की सुरक्षा भी बहुत जरूरी थी. उन्हें न सिर्फ आराम दिया गया बल्कि जब जरुरत पड़ी तो उनके पैरों में जूते भी पहना दिए गए ताकि वे किसी भी नुकीली चीज़ से बच सकें. एक कुत्ते, 'सहारा', को जूते पहनने के बाद महसूस हुआ कि वह बेहतर तरीके से काम कर सकता है और उसने खुद ही अपने जूते उतार दिए ताकि वह ज्यादा फुर्ती से काम कर सके.
विशेष देखभाल और आराम
भले ही इन कुत्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा लेकिन उनकी देखभाल का पूरा ख्याल रखा गया. उनके टोकरे में शीतलन प्रणाली और कूल-डाउन स्टेशन्स भी थे ताकि वे गर्मी से बच सकें. इसके अलावा, कुत्तों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही थी. सोमवार को सभी कुत्तों की मेडिकल टीम ने गहन जांच की और यह पाया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपना बचाव कार्य जारी रख सकते हैं.
बचाव कार्य में निरंतर जुटे कुत्ते और उनके प्रशिक्षक
K9 यूएसएआर की टीम और कुत्तों के प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि कुत्तों को काम के बीच आराम करने का समय दिया जाता है ताकि वे ताजगी से काम कर सकें. इन कुत्तों की टीम ने अब तक कई जीवन बचाए हैं और वे निरंतर अपनी कोशिशों में लगे हैं. हालांकि इन कुत्तों और उनके प्रशिक्षकों को थकावट हो रही थी लेकिन उनका लक्ष्य साफ है - लापता लोगों को ढूंढने में मदद करना. उनकी मेहनत और समर्पण के कारण बैंकॉक में बचाव अभियान में एक नई उम्मीद जगी है. इन कुत्तों की सहायता से लाखों लोगों ने यह सीखा कि जब लोग एकजुट होते हैं तो मुश्किल समय में भी उम्मीद की रौशनी हो सकती है.