शेख हसीना का तख्तापलट करने वाली महिलाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
Bangladesh में शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाने वाली Student leaders अब अंतरराष्ट्रीय पहचान पाने जा रही हैं. White House ने घोषणा की है कि 2025 के अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला (IWOC) पुरस्कार से उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया. अमेरिका का यह कदम बांग्लादेश की राजनीति में नए संकेत दे सकता है और लोकतांत्रिक आंदोलनों को मजबूती देगा.

इंटरनेशनल न्यूज. अमरेकि ने 2025 के अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला (IWOC) पुरस्कार के लिए बांग्लादेश की महिला छात्र विरोध नेताओं को सम्मानित करने का फैसला किया है. इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को 'मेडेलीन अलब्राइट मानद समूह पुरस्कार' के रूप में भी जाना जाता है और यह उन महिलाओं को दिया जाता है, जिन्होंने दुनिया भर में असाधारण साहस का परिचय दिया है. 2023 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्राओं ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। जब शेख हसीना सरकार के खिलाफ आवाज उठी, तब इन छात्राओं ने आंदोलन को संगठित किया और आगे बढ़ाया। खासतौर पर, जब पुरुष प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, तब महिलाओं ने नेतृत्व संभालते हुए प्रतिबंधों के बावजूद अपनी आवाज बुलंद रखी।
इंटरनेट प्रतिबंधों के बीच जारी रखा संघर्ष
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि इन महिलाओं ने इंटरनेट प्रतिबंधों और सेंसरशिप को दरकिनार कर अपने संदेश को फैलाने के लिए नए तरीके अपनाए। वे विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने में सफल रहीं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपने संघर्ष को जारी रखा। उनके इस साहस और निस्वार्थता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जा रही है।
अन्य देशों की महिलाएं भी होंगी सम्मानित
IWOC पुरस्कार इस वर्ष सिर्फ बांग्लादेश की छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य देशों की बहादुर महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इस सूची में बुर्किना फासो, इजराइल, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, रोमानिया, दक्षिण सूडान, श्रीलंका और यमन की महिलाएं शामिल हैं। ये सभी महिलाएं अपने-अपने देशों में साहसिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं।
पुरस्कार समारोह और आयोजन
IWOC पुरस्कार समारोह 1 अप्रैल 2025 को अमेरिकी विदेश विभाग में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप करेंगी। इस पुरस्कार की शुरुआत 2007 में की गई थी और तब से लेकर अब तक 90 से अधिक देशों की 200 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार उन महिलाओं को समर्पित किया जाता है जो अपने समाज में बदलाव लाने के लिए असाधारण साहस और नेतृत्व का प्रदर्शन करती हैं, भले ही इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत जोखिम उठाना पड़े।
बांग्लादेश की छात्राओं की प्रेरणादायक कहानी
बांग्लादेश की इन छात्राओं की कहानी साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाद को दबाने की कोशिशें नाकाम रही, क्योंकि इन महिलाओं ने अपने संकल्प से यह साबित कर दिया है कि बदलाव की लहर को कई नहीं रोक सकता. अमेरिका की ओर से दिया जा रहा यह सम्मान उनके संघर्ष की वैश्विक मान्यता का प्रमाण है.