हमारे शरीर में दिमाग जब ठीक तरह से काम करता है तो उसे ऑक्सीजन की मात्रा भरपूर चाहिए होती है । यदि किसी भी प्रकार किसी कारण से हमारे दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा नहीं पहुंच पाती है, तो हमारा मस्तिष्क सही ठंग से कार्य नहीं कर पाता है।

जिसे हम दिमागी कमजोरी के नाम से जानते हैं। यदि किसी कारण हमारे मस्तिष्क के हिस्से की कोशिकाओं में थका जम जाता है तो ऐसी स्थिति में हमे दिमाग का दौरा पड़ने की संभावना हो जाती है। जिसके कारण कुछ ही देर में प्रभावित कोशिकाएं दम तोड़ने लगती हैं।

यह समस्या होने पर व्यक्ति खुद की भी देखभाल नहीं कर पाता है। ऐसी स्थिति में उसे होश ही नहीं रहता है कि उसका शरीर क्या कार्य कर रहा है। साथ ही मरीज का अपने शरीर पर किसी भी तरह का कोई भी काबू नहीं कर सकता है।

दौरा पड़ने पर व्यक्तियों को सोचने और समझने की शक्ति नहीं रहती है। आज के समय में लगातार कई कारणों से रोजाना हमारे दिमाग पर असर पड़ता है। ऐसे अधिक लोग होते हैं जो किसी दूसरे के आगे निकलने से खुद को परेशान कर लेते हैं। इसका असर भी हमारे दिमाग पर देखा जा सकता है।एक ही बात को बार-बार सोचने से भी इसका असर हमारे दिमाग पर पड़ता है।

जानिए क्या हैं लक्ष्ण?

कई हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया है कि हाथों – पैरों या चेहरे पर अचानक से झुनझनाहट की समस्या का सामना करना साथ ही शरीर में कमजोरी की समस्या आ जाना ये सभी दिमागी समस्या की ओर इशारा करते हैं। सोचने और समझने की शक्ति को खो देना साथ ही दोनों आंखों की रोशनी कम होना, शरीर को संतुलित में न रख पाना, मरीज का बेहोश होना, बिना किसी कारण सिर में दर्द होना, चलने मे परेशानियां आना, चक्कर आने की समस्या ये सभी लक्ष्ण यदि किसी व्यक्ति में दिखें तो समझ जाएं, कि उस व्यक्ति को गंभीर दिमागी समस्या हो चुकी है और तुरंत उस व्यक्ति को किसी बड़े डॉक्टर से दिखाएं।