एक अच्छा और हैल्थी रिलेशनशिप ( Relationship) आखिर कौन नहीं चाहता। हर कोई अपने रेलशनशिप को कामियाब बनाना चाहता है। एक अच्छा रिलेशन बनाना भी चाहिए और एक दूसरे को समझना भी चाहिए। लेकिन इसके लिए ऐसा बिलकुल भी नहीं है की आप अपने पार्टनर की हर गलत चीज़ों को बर्दाश्त करती रहेंगे। यदि आप एक एक अच्छा रिलेशन चाहते हैं तो अपने पार्टनर की यह गलत बातें कभी सहन न करें -

1 एक्सपर्ट्स की सुनें

एक्सपर्ट्स की माने तो अपने पार्टनर के सामने अपनी वैल्यू बढ़ाने के लिए कभी भी उनकी किसी भी गलत को बर्दाश्त न करें। न ही उनकी गलतियों को हर बार नज़रअंदाज़ करें। इससे पार्टनर को कभी भी अपनी गलती का एहसास नहीं होगा, और वह आपका सम्मान भी कम करने लगेगा।

2 डोमिनेटिंग पार्टनर

अक्सर पार्टनर्स के बीच झगडे होते ही रहते हैं। चाहे वह पति -पत्नी के बीच झगड़ा हो या फिर गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड का लेकिन इन दोनों में से एक पार्टनर ऐसा भी होता है , जो बहुत ही ज़्यादा डोमिनेटिंग होता है। जो कभी - कभी तो ऐसा बोल देता है जिससे सामने वाले को हर्ट हो जाता है। ऐसे में आप अपने पार्टनर की यह बता कभी बर्दास्त ना करें।

3 बेवजह शक करते रहना

रिश्ते में सबसे जरुरी होता है भरोसा करना ,क्योंकि अगर यही रिश्ते में ना हो तो रिलेशनशिप ख़राब होने लगता है। यदि आपका पार्टनर आप पर हर समय बेवजह का ही शक करता रहता है। और आपको हर बार अपनी सफाई देनी पड़ती है तो ऐसा कभी न करें। और न ही पार्टनर की यह बात बर्दाश्त करें।

4 गलत शब्द ना सुने

पति - पत्नी का रिश्ता बहुत ही पवित्र माना जाता है। ऐसे में झगडे भी होते रहते हैं लेकिन साथ और प्यार हमेशा बना रहता है। लेकिन अगर आपका पार्टनर आपके बीच होने वाले लड़ाई झगड़े में गलत शब्दों का इस्तेमाल करता है। जिससे आपको हर्ट हो तो ऐसी बातें कभी भी सामने वाले को बर्दास्त नहीं करनी चाहिए।

5 इज़्ज़त न करना

प्यार में सबसे जरुरी है एक दूसरे की इज़्ज़त करना। यदि आप ही एकदूसरे की इज़्ज़त नहीं करोगे तो बाहर वाला भी आपकी कोई रेस्पेक्ट नहीं देगा। यदि आपका पार्टनर आपकी किसी भी तरह से कोई इज़्ज़त नहीं करता और उसका बर्ताव आपके लिए अच्छा नहीं है, तो यह बात आपको सहन नहीं करनी चाहिए।

6 पर्सनल स्पेस

न देना चाहे आप किसी भी रिश्ते में करो न हो। हर किसी की अपनी लाइफ होती है , हर किसी को अपने लिए टाइम निकालने का हक मिलना ही चाहिए। इससे रिश्ते बेहतर बनते हैं और एकदूसरे के बारे में सोचने का वक़्त भी।