कई हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बड़े- बुजुर्गों के अंदर ही नहीं बल्कि बच्चों के अंदर भी टाइप2 डायबिटीज की बामारी देखी जा सकती है।

माना जाता है कि जब इस बीमारी के लक्ष्ण बच्चों में देखे जाते हैं तो शरीर में इंसुलिन का उत्पादन होता है साथ ही शरीर में कोशिकाएं इंसुलिन को ठीक तरीके से बनने नहीं देती हैं। इस बीमारी के जो बच्चे शिकार हुए हैं उनके शरीर में टाइप 2 डायबिटीज के लक्ष्ण धीरे –धीरे सामने आते हुए देखे गए हैं।

यह बच्चे के शरीर में इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है साथ ही बच्चें बीमार पड़ने लगते हैं। इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं। बच्चों के माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए। माता –पिता की कुछ गलतियों से भी बच्चों में इस बीमारी का खतरा बना रहता है।

विटामिन-डी की कमी

रोजाना धूप न मिलने पर बच्चों मे टाइप2 डायबिटीज के लक्ष्ण दिखे जाते हैं। बच्चों को विटामिन –डी बेहद जरूरी होती है। जिन बच्चों को धूप रोजाना मिलती है वह इस बीमारी से दूर रहते हैं।जब बच्चे बीमार पड़ते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर विटामिन-डी की भरपूर मात्रा लेने की सलाह देते हैं। बच्चों के माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चों के शरीर में विटामिन डी की कमी न आए।

जंक फूड के सेवन से रहें दूर

काफी बच्चों को बाहर का खाना खाना काफी पसंद होता है। ऐसे बच्चे घर का खाना खाना पसंद नहीं करते हैं उन्हें बाहर का ही खाना अच्छा लगता है। अधिक जंक फूड के सेवन से बच्चों के शरीर में अनेक बीमारिया प्रवेश कर सकती हैं।बच्चों को जंक फूड से दूर रखे ।

कसरत से रहे दूर

काफी माता-पिता ऐसे होते हैं जो की रोजाना कसरत करते हैं उनको देखकर उनके बच्चे भी उनके साथ कसरत करने लगते हैं। कसरत करने के कारण बच्चों में टाइप2 डायबिटीज की बीमारी के लक्ष्ण नजर आने लगते हैं।