आज के दिन बसंत पंचमी का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। आज के दिन विघा की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। यह का दिन विवाह पंचमी के दिन के नाम से भी जाना जाता है। आज का दिन बेहद शुभ व खास माना जाता है। इस दिन से बसंत ऋतु की शुरूआत हो जाती है।

बसंत पंचमी को कला, ज्ञान, वाणी और विद्या की देवी मां सरस्वती का दिन माना जाता है। इस बार बसंत पंचमी 26 जनवरी को मनाई जा रही है। बंसत पंचमी के ठीक 40 दिन बाद होली का त्यौहार मनाया जाता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि बसंत पंचमी होली के त्योहार की शुरुआत मानी जाती है। बंसत पंचमी के दिन कई विशेष योग बन रहे है। 

हिंदू कैलेंडर के अनुसार बसंत पंचमी माघ मनाई जाती है। इसलिए इसे पंचमी भी कहा जाता है। माता सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है। सभी हिंदू भगवान और देवी का एक समर्पित दिन और त्यौहार होता है जब उनकी पूजा की जाती है। बुध्दि की देवी- जो संगीत और कला से भी जुड़ी हुई है। आज के दिन भक्त लोग पूजा करते है और देवी मां को भोज अर्पित करते है। सरसों के खेतों को चिन्हित करने के लिए पीसा रंग भी पहनते है। ऐसा माना जाता है कि पीला रंग देवी का पसंदीदा रंग है क्योकि यह प्रकृति की उदारता की बात करता है कृषि क्षेत्रों का जश्न मनाता है।

आज के दिन बसंत पचंमी के अलावा विवाह पंचमी भी मनाई जाती है। इस दिन अयोध्या के राजकुमार श्रीराम औऱ जनकरपुरी की राजकुमारी देवी सीता का विवाह हुआ था। इस पर्व को भारत के उत्तरी भाग के साथ ही साथ, मिथिला और नेपाल मे मनाया जाता है।