Garuda Purana: किन पापों के लिए मिलता है सबसे कठोर दंड? जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक माना जाता है. इस ग्रंथ में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, पाप और पुण्य, स्वर्ग और नरक और मोक्ष के विषय में विस्तार से वर्णन किया गया है. गरुड़ पुराण में उन पापों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें करने वाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद कठोर दंड का सामना करना पड़ता है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

हिंदू धर्म में गरुण पुराण को 18 महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है. इसे भगवान विष्णु के भक्तों को दिए गए ज्ञान के आधार पर रचा गया है. गरुण पुराण में मृत्यु के बाद आत्मा के सफर का विस्तृत वर्णन किया गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर आत्माओं को स्वर्ग या नरक भेजा जाता है और वहां उन्हें क्या दंड मिलेगा, यह भी स्पष्ट किया गया है.

कर्मों के अनुसार विभिन्न योनियों में जन्म 

गरुण पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद पापी व्यक्ति की आत्मा को यमराज के समक्ष पेश किया जाता है, जहां चित्रगुप्त उसके सभी कर्मों का लेखा-जोखा करते हैं. इस लेखा-जोखा के आधार पर यह तय किया जाता है कि उस व्यक्ति को कौन से नरक में भेजा जाएगा और उसे क्या सजा मिलेगी. पापी आत्माओं को उनके कर्मों के अनुसार विभिन्न योनियों में जन्म लेना पड़ता है. 

गरुण पुराण में कुल 36 नरकों का वर्णन मिलता है. हर नरक की यातनाएं उस पाप के हिसाब से होती हैं, जो व्यक्ति ने अपने जीवनकाल में किया था. उदाहरण के लिए, जो लोग भ्रूण हत्या करते हैं, उन्हें 'रोध' नामक नरक में भेजा जाता है और उन्हें घोर यातनाएं दी जाती हैं. इसके परिणामस्वरूप वे अगले जन्म में नपुंसक बनते हैं. वहीं, जो लोग क्षत्रिय और वैश्य की हत्या करते हैं, उन्हें 'ताल' नरक की यातनाओं का सामना करना पड़ता है.

यमराज के दूत देते हैं कठोर सजा 

गुरु की निंदा करने वालों को 'शबल' नामक नरक में भेजा जाता है, वहीं जो लोग चोरी करते हैं, विशेषकर सोने की चोरी, उन्हें 'सूकर' नरक में भेजा जाता है. इसके अलावा, जो लोग महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बलात्कार करते हैं या बच्चों और बुजुर्गों का अपमान करते हैं उनकी आत्माओं को भी नरक में कठोर दंड दिए जाते हैं. इन पापों के लिए यमराज के दूत अत्यंत कठोर सजा देते हैं, ताकि इन कर्मों के दुष्प्रभावों से बचा जा सके.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी गरुड़ पुराण पर आधारित है. जनभावना टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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24 March 2025, 06:44 PM IST

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