हिंदुओं के लिए रुद्राक्ष का क्या महत्व है? क्यों इसे माना जाता है पवित्र?

हिंदू धर्म में रुद्राक्ष का बहुत महत्व है. रुद्राक्ष कई प्रकार के होते हैं. इनके अलग-अलग प्रभाव भी होते हैं. रुद्राक्ष की उत्पत्ति कैसे हुई और यह सनातन मतावलंबियों के लिए इतना पवित्र कैसे हो गया? आइये जानते हैं...

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को अत्यधिक पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. इसे भगवान शिव से गहरे संबंध के रूप में पूजा जाता है. रुद्राक्ष की उत्पत्ति और उसकी धार्मिक महत्ता के बारे में जानने के लिए हमें पौराणिक कथाओं में झांकना पड़ता है. 

भगवान शिव कठोर तपस्या में लीन

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव एक समय कठोर तपस्या में लीन थे. उनकी यह तपस्या सैकड़ों वर्षों तक निरंतर चलती रही. एक दिन शिव ने अपनी आंखें खोलीं और उनके आंसू की कुछ बूंदें पृथ्वी पर गिरीं. इन आंसुओं से रुद्राक्ष के पेड़ का जन्म हुआ, जिसे शिव के आंसुओं से उत्पन्न माना गया. इसी कारण रुद्राक्ष को भगवान शिव का रूप और अत्यधिक पवित्र माना जाता है.

रुद्राक्ष के विभिन्न प्रकार

रुद्राक्ष के विभिन्न प्रकार होते हैं. हर एक का अपना विशेष प्रभाव होता है. रुद्राक्ष की माला बनाई जाती है, जिसे लोग गले में या हाथों में धारण करते हैं. यह माना जाता है कि रुद्राक्ष पहनने से शिव की कृपा बनी रहती है और यह व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करता है.

रुद्राक्ष को पहनने के कुछ नियम भी होते हैं. इसे पहनने से पहले शिव को अर्पित किया जाता है और यदि इसे गले में पहनना है तो इसे लाल रंग के धागे में पिरोकर पहनना चाहिए. यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रुद्राक्ष हृदय तक पहुंचे.

रुद्राक्ष के विभिन्न मुख 

रुद्राक्ष के विभिन्न मुख होते हैं. एकमुखी रुद्राक्ष को शिव का स्वरूप माना जाता है और यह दुर्लभ होता है. इसके अलावा, दोमुखी रुद्राक्ष को शिव-शक्ति का प्रतीक, तीनमुखी को त्रिदेव का और चारमुखी को ब्रह्मा का स्वरूप माना जाता है. पंचमुखी रुद्राक्ष को भी शिव का स्वरूप माना जाता है और यह माला बनाने में प्रयोग किया जाता है. 

calender
01 April 2025, 05:17 PM IST

जरूरी खबरें

ट्रेंडिंग गैलरी

ट्रेंडिंग वीडियो