मृत्यु के बाद कहां जाती है आत्मा? एक महिला जो चार बार मर कर हुई जीवित, बताया आपना अनुभव
मृत्यु के बाद शरीर छोड़ने के बाद व्यक्ति की आत्मा कहां जाती है? आत्मा किसके साथ जाएगी और स्वर्ग या नरक कैसा होगा? ऐसे कई सवाल समय-समय पर हर किसी के मन में आते होंगे. हालांकि, कुछ लोग मृत्यु के बाद के अपने अनुभव साझा करके भी इसका जवाब देते हैं. यद्यपि यह ज्ञात नहीं है कि यह कितना सच है या झूठ, लेकिन यह निश्चित रूप से रोमांचक है.

हम सभी जानना चाहते हैं कि मृत्यु के बाद व्यक्ति की आत्मा कहां जाती है? यद्यपि इस प्रश्न का उत्तर किसी के पास नहीं है, परन्तु कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्होंने परलोक देखा है और वे यह भी जानते हैं कि स्वर्ग और नरक कैसे दिखते हैं. ऐसी ही एक 62 वर्षीय महिला ने बताया कि वह एक बार नहीं बल्कि चार बार मौत को हराकर स्वर्ग लौट चुकी है.
मृत्यु के बाद शरीर छोड़ने के बाद व्यक्ति की आत्मा कहां जाती है? आत्मा किसके साथ जाएगी और स्वर्ग या नरक कैसा होगा? ऐसे कई सवाल समय-समय पर हर किसी के मन में आते होंगे. हालांकि, कुछ लोग मृत्यु के बाद के अपने अनुभव साझा करके भी इसका जवाब देते हैं. यद्यपि यह ज्ञात नहीं है कि यह कितना सच है या झूठ, लेकिन यह निश्चित रूप से रोमांचक है.
आत्मा चार बार शरीर छोड़ चुकी
62 वर्षीय शेरोन मिलिमैन का दावा है कि उन्होंने अपने जीवन में चार बार मौत को हराया है. यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब वह 13 साल की थी. वह कहती है कि वह अपनी मां के साथ तैराकी करने गई थी लेकिन अचानक वह तैरना भूल गई और डूबने लगी. इस दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आत्मा तैर रही है और शरीर डूब रहा है. उसे न तो डर लगा, न ही दर्द. इस दौरान उसे लाइफगार्डों ने बचाया और सीपीआर के बाद वह जीवित वापस आ गई. इसी तरह, 43 वर्ष की आयु में उन पर बिजली गिर गई. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां भी उनका शरीर धरती पर था और उनकी आत्मा स्वर्ग की ओर प्रवाहित हुई. जब वह वापस जीवित हुई तो उसे कुछ भी समझ नहीं आया. तीसरी बार सर्जरी के दौरान उसकी आत्मा ने शरीर छोड़ दिया और चौथी बार गलत दवाइयों के कारण उसकी मृत्यु हो गई.
मृत्यु के बाद आत्मा कहां जाती है
शेरोन ने कहा कि इस दौरान उन्हें अलग-अलग अनुभव हुए. वह कहते हैं कि एक रोशनी उनकी ओर आई और जैसे-जैसे वह करीब पहुंचे, वह बहुत बड़ी हो गई और ऐसा लगा जैसे वह उन्हें अपनी बाहों में लेकर स्वर्ग ले जा रही हो. यहां गुलाबी और सुनहरे बादल थे और एक सुनहरी किताब रखी हुई थी, जिसमें कुछ अलग लिपि में लिखा हुआ था. उसने यीशु को भी कई बार देखा और वहां कई मार्गदर्शक भी थे. उन्हें अच्छा भोजन दिया गया और उन्होंने कहा कि वे आभारी हैं कि उन्हें यह सब इतने करीब से देखने का मौका मिला. इसके बाद उनकी जिंदगी में काफी बदलाव आया और उनके सोचने का तरीका भी बदल गया.