रविवार 22 जनवरी को भारतीय कुश्तीक संघ की अयोध्या में बैठक होने वाली थी। जिसमें WFI के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह अपने ऊपर लगे यौन आरोपों पर अपना पक्ष सदस्यों के सामने आज इस बैठक में रखने वाले थे। लेकिन अचानक ये अहम बैठक को कैंसिल कर दिया गया है। मीटिंग को रद्द करने का फैसला खेल मंत्रालय की रोक की वजह से लिया गया है।

बैठक में जनरल काउंसिल के सदस्य होने वाले थे शामिल

इस बैठक में 54 सदस्या जनरल काउंसिल के भाग लेंगे. बृज भूषण सिंह खुद बैठक में उपस्थित नहीं लेने वाले थे। आपको बता दें कि गोंडा में नेशनल सीनियर रेसलिंग चैंपियनशिप होने वाला था जिसे रद्द कर दिया गया है।

खेल मंत्रालय का एक्शन

शनिवार 21 जनवरी को खेल मंत्रालय ने अनुशासहीनता के आरोप में भारतीय कुश्ती संघ के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को उनके पद से सस्पेंड कर दिया था। आपको बता दें कि खेल मंत्रालय फेडरेशन की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं इस मामले की जांच करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है जो बृज भूषण सिंह पर लगे आरोपों की जांच कर 4 हफ्ते में रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। आपको बता दें कि इस कमेटी में मैरी कोम, डोला बनर्जी, अलकनंदा अशोक, योगेश्वर दत्त, सह-देव यादव और 2 अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है।

क्या है मामला

भारतीय कुश्तीह संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर महिला कुश्ती खिलाड़ियों ने यौन शोषण का आरोप लगाएं हैं। इसको लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों के भारी विरोध-प्रदर्शन किया। इस धरने में विनेश फोगाट, बंजरग पुनिया, साक्षी मलिक और रवि दहिया सहित अन्य पहलवान शामिल थे।

इसके बाद 20 जनवरी को ये प्रदर्शन समाप्त हुआ। आपको बता दें कि केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से वार्ता के बाद पहलवानों ने धरना बंद किया। खेल मंत्री ने पहलवानों की इस समस्या के समाधान के लिए जांच कमेटी का गठन किया जो पूरे मामले की जांच करेगी।