बिजली, दूध के बाद अब बेंगलुरूवासियों को कचरे के लिए जेब करनी होगी ढीली, BBMP ने लगाया 'गार्बेज सेस'

दूध, बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बेंगलुरू नगर पालिका ने एक नया टैक्स लागू करने का फैसला किया है. बीबीएमपी ने हर महीने कचरा और निपटान की लागत बढ़ाने का फैसला किया है और आज से बेंगलुरु में गार्बेज सेस लागू किया जा रहा है. ठोस कररा निस्तारण  कंपनी अब हर महीने गार्बेज पर सेस लगाएगी. दुकानों, होटलों और रिहायशी इमारतों पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं. 

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

अगर आप कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में रहते है तो आपको कचरे के लिए जेब ढीली करनी होगी. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने 1 अप्रैल से गार्बेज सेस लगाने का फैसला किया है. बीबीएमपी ने कहा कि 1 अप्रैल से 'गार्बेज सेस' किया गया है, जिसके तहत बेंगलुरू निवासियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूजर्स चार्ज देना होगा. 

दूध, बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बेंगलुरू नगर पालिका ने एक नया टैक्स लागू करने का फैसला किया है. बीबीएमपी ने हर महीने कचरा और निपटान की लागत बढ़ाने का फैसला किया है और आज से बेंगलुरु में गार्बेज सेस लागू किया जा रहा है. बीबीएमपी के मुताबिक, पहले होटलों को प्रति किलो कचरे पर 5 रुपए देने पड़ते थे. अब सेस बढ़ाकर 12 रुपए कर दिया गया है. ठोस कररा निस्तारण  कंपनी अब हर महीने गार्बेज पर सेस लगाएगी. दुकानों, होटलों और रिहायशी इमारतों पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं. 

कितना करना होगा भुगतान?

आवासीय मकानों के लिए सेस की दर मकान के वर्ग फुट के हिसाब से तय की गई है. 600 वर्ग फुट तक के मकानों को 10 रुपये प्रतिमाह तथा 600 वर्ग फुट से 1000 वर्ग फुट तक के मकानों को 50 रुपये प्रतिमाह देना होगा. 1000-2000 वर्ग फीट तक के मकानों के लिए 100 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होगा, जबकि 2000-3000 वर्ग फीट तक के मकानों के लिए 150 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होगा. इसके अलावा 3000-4000 वर्ग फीट तक के मकानों के लिए 200 रुपये प्रति माह तथा 4000 वर्ग फीट से अधिक के भवनों के लिए 400 रुपये प्रति माह कर वसूला जाएगा.

बीबीएमपी हर साल संपत्ति कर में गार्बेज सेस का भुगतान करेगी. बीबीएमपी के इस नए फैसले से सालाना 600 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है. यह अपने खजाने को भरने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाने के लिए आगे आई है.  

गार्बेस सेस पर राजनीतिक शुरू

इस बीच, कर्नाटक के एलओपी और बीजेपी विधायक आर अशोक ने 'गार्बेज सेस' लागू करने के लिए सरकार की आलोचना की. इस सेस को लेकर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए अशोक ने सवाल उठाया कि क्या यह कर 'सीएम की कुर्सी पाने' के लिए वसूला जा रहा है.

सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में अशोक ने लिखा, "बेंगलुरु के कचरे का निपटान करने में विफल रही और सिलिकॉन सिटी को कचरा शहर में बदल देने वाली सरकार @INCKarnataka ने अब कचरा संग्रहण के लिए भी शुल्क तय कर दिया है. ऐसा लगता है कि उन्होंने बेंगलुरु शहर को कचरा मुक्त शहर बनाने का वादा करके कचरा निपटान के नाम पर अपनी तिजोरी भरने का फैसला किया है. डीसीएम @DKShivakumar सर, उन्होंने ब्रांड बैंगलोर के नाम पर लूट की, अब वे कचरे के नाम पर भी लूट करेंगे? क्या यह सीएम की कुर्सी पाने के लिए रिश्वत है या फिर  बिहार चुनाव का खर्च है?"

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01 April 2025, 01:51 PM IST

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